संसद से नरेंदर गायब, देश से सिलेंडर गायब': एलपीजी संकट पर राहुल गांधी का बयान, केंद्र सरकार से पूछे तीखे सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऊर्जा सुरक्षा मामले में केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने संकट से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी किए जाने का आह्वान करते हुए कहा, अगर ऐसा नहीं किया गया, तो भविष्य में करोड़ों लोगों को नुकसान उठाना पड़ेगा। राहुल का ये बयान एलपीजी की कमी को लेकर आई हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के बीच आया है। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बात करने के अलावा सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए भी सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की संसद में अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने अपने फेसबुक पर संसद परिसर में विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'संसद से नरेंदर गायब, देश से सिलेंडर गायब!' इस मामले में फेसबुक पोस्ट के अलावा राहुल ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, पीएम मोदी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने में असमर्थ हैं क्योंकि वह फंसे हुए हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के लोग सुरक्षित रहें और देश की ऊर्जा सुरक्षा का प्रबंधन हम स्वयं करें। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जोर देकर कहा, गैस और ईंधन एक बड़ी समस्या बनने वाले हैं क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा से समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि यह ईरान के होर्मुज क्षेत्र से तेल के जहाजों को आने की अनुमति देने या न देने से भी बड़ा मुद्दा है। बकौल राहुल गांधी, पश्चिम एशिया में हो रहा युद्ध मूल रूप से वर्तमान विश्व व्यवस्था के बारे में है। अस्थिर समय को देखते हुए हमें अपनी मानसिकता बदलनी होगी। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि संभावनाओं पर गहराई से विचार करे, जिससे देश के लोगों को नुकसान न उठाना पड़े। ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता और इस मुद्दे पर सियासत के आरोपों को लेकर राहुल गांधी ने कहा, वह कोई राजनीतिक बयान नहीं दे रहे हैं। यदि समस्या ईरान के स्तर पर भी हल हो जाए, तब भी यह संकट दूर नहीं होगा। दुनिया की संरचना बदल रही है। पीएम मोदी को यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत के लोग सुरक्षित रहें। उम्मीद है कि सरकार विपक्ष की बात सुनेगी।