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झारखंड में कुदरत का क्रूर सितम: मां के श्राद्ध कर्म के दौरान गिरा ठनका, 9 साल की बेटी समेत दो की मौत,5 झुलसे

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 20, 2026 07:07 AM
Nature's cruel blow in Jharkhand: Lightning strikes during a mother's death anniversary ritual; two dead—including a 9-year-old daughter—and five injured.

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सरायकेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुड़कुम पंचायत के नुआगुड़ा गांव में रविवार की शाम प्रकृति का बेहद क्रूर चेहरा देखने को मिला। यहाँ एक घर में चल रहे श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान अचानक भीषण वज्रपात (आकाशीय बिजली) हो गया। इस दैवीय आपदा की चपेट में आने से एक 9 वर्षीय मासूम बच्ची और एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि जिस बच्ची की मौत हुई, वह उसी घर की बेटी थी जहां उसकी मां का श्राद्ध कर्म किया जा रहा था। मां के बाद अब बेटी की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है।

जानकारी के अनुसार, नुआगुड़ा गांव के एक परिवार में रविवार को दिवंगत महिला के आत्मा की शांति के लिए श्रद्धा कर्म (श्राद्ध कार्यक्रम) का आयोजन किया गया था। इस धार्मिक अनुष्ठान और सामूहिक भोज में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में सगे-संबंधी, ग्रामीण और करीबी रिश्तेदार वहां जुटे हुए थे। शाम करीब छह बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में काले घने बादल छा गए। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते या सुरक्षित स्थानों पर छिप पाते, तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे उसी कार्यक्रम स्थल पर आ गिरी जहां अनुष्ठान चल रहा था। वज्रपात होते ही जोरदार धमाका हुआ और पल भर में खुशियां बिखेरने आया घर चीख-पुकार और मलबे के बीच अफरा-तफरी के माहौल में तब्दील हो गया। इस भीषण आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जान गंवाने वालों की पहचान 9 वर्षीय रोशनी सोरेन और 32 वर्षीय सोनू सरदार के रूप में हुई है। रोशनी सोरेन के सिर से कुछ ही दिन पहले मां का साया उठा था और रविवार को वह अपनी मां के अंतिम संस्कारों में शामिल थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मां की विदाई के दिन ही मासूम रोशनी भी हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गई। इस संयोग ने वहां मौजूद हर एक व्यक्ति का कलेजा चीर दिया। घटना के तुरंत बाद गांव के लोगों ने अदम्य साहस और तत्परता का परिचय दिया। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए सभी झुलसे हुए पांच लोगों को मलबे से निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका आपातकालीन इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत नुआगुड़ा गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिनके शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद भेज दिया गया है। अस्पताल में भर्ती पांचों घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करेगा। इस अचानक आई विपदा से नुआगुड़ा गांव समेत पूरे सरायकेला जिले में शोक की लहर है और लोग इस त्रासदी से स्तब्ध हैं।


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