अल्मोड़ा में कुदरत का महातांडव: 24 घंटे में दो बड़े हादसों से दहल उठा जिला,मकान और टिन शेड पर गिरा मलबा,5 लोगों की दर्दनाक मौत
अल्मोड़ा। उत्तराखंड का कुमाऊं मंडल इन दिनों प्राकृतिक आपदा के भीषण दौर से गुजर रहा है। अल्मोड़ा जिले में मंगलवार को मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसी, जिससे हुए दो अलग-अलग हादसों में कुल 5 लोगों की असमय जान चली गई। जहां सोमेश्वर ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में मकान के मलबे में दबकर एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हुई, वहीं धार की तूनी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण टिन शेड ढहने से दो नेपाली श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई।
जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते धार की तूनी क्षेत्र में मंगलवार को भीषण हादसा हुआ। कई घंटों की अनवरत बारिश के बाद पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गया। मलबे के तेज प्रहार से वहां बना एक टिन शेड पूरी तरह से धराशायी हो गया। हादसे के वक्त टिन शेड के अंदर सो रहे दो नेपाली मजदूर मलबे की चपेट में आ गए और उसके नीचे ही दब गए। घटना की भयावहता देख आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही अल्मोड़ा के जिलाधिकारी अंशुल सिंह, जिला आपदा अधिकारी विनीत पाल तथा आपदा प्रबंधन और पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। टीमों ने भारी बारिश और मलबे के बीच राहत व बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद जब तक दोनों मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि टिन शेड के नीचे दबने से दो नेपाली श्रमिकों की मौत हुई है और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। अल्मोड़ा जिले में एक ही दिन में हुए इन दो हादसों ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है। वडयूड़ा (सोमेश्वर) में मकान ढहने से 3 और धार की तूनी में 2 श्रमिकों की मौत के साथ ही बारिश जनित हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। पहाड़ियों से आ रहे मलबे के कारण दर्जनों मुख्य और ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बाधित हो चुकी हैं, जबकि कई मकानों में पानी और मलबा घुस गया है। आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ और पुलिस बल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिलाधिकारी और जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अत्यंत सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से यात्रा न करने की सख्त अपील की है।