रुद्रप्रयाग में कुदरत का विकराल रूप: खतरे के निशान के पार अलकनंदा-मंदाकिनी! पैदल पुल डूबा,अगस्त्यमुनि में कार के ऊपर गिरा बोल्डर
रुद्रप्रयाग। देवभूमि उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग जनपद लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बुरी तरह हलकान है। बीते कई घंटों से जारी आफत की वर्षा ने पूरे जिले में आपदा जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां अपने खतरे के निशान को पार कर रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं। नदियों का यह विकराल रूप देखकर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल है, वहीं जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
रुद्रप्रयाग जनपद लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते गंभीर संकट का सामना कर रहा है। पिछले कई घंटों से जारी वर्षा ने जिले में आपदा जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कई स्थानों पर भूस्खलन, जलभराव और बोल्डर गिरने की घटनाओं ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। सबसे चिंताजनक स्थिति रुद्रप्रयाग नगर में देखने को मिली, जहां वाल्मीकि बस्ती और जिला चिकित्सालय को जोड़ने वाला पैदल पुल अलकनंदा के उफनते पानी में पूरी तरह डूब गया। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों तक पानी पहुंच गया है। एहतियातन कई परिवारों ने अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों का रुख किया, जबकि नदी किनारे रहने वाले लोग पूरी रात भय के साये में जागते रहे। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का तेज बहाव अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, पेड़ और चट्टानें बहाकर ला रहा है। नदी का विकराल स्वरूप देखकर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन लगातार नदी किनारे बसे गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है। भारी बारिश का सबसे अधिक असर केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से लगातार मलबा और विशाल बोल्डर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है। सड़क बंद होने से केदारनाथ यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है, जबकि सड़क खोलने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें जेसीबी और भारी मशीनों के साथ लगातार काम कर रही हैं। हालांकि, लगातार बारिश के कारण बार-बार मलबा आने से राहत कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। विजयनगर क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक विशाल बोल्डर गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही क्षणों का अंतर एक बड़े हादसे को टाल गया। वहीं अगस्त्यमुनि में भी हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। कई सड़कें पानी में डूबने से यातायात बाधित है। इसी दौरान एक कार पर बड़ा बोल्डर गिर गया। राहत की बात यह रही कि उस समय वाहन में कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जिले के कई लिंक मार्ग और मुख्य सड़कें भूस्खलन की चपेट में हैं। लगातार गिर रहे पत्थर और मलबा राहत एवं बचाव कार्यों में भी बड़ी चुनौती बन रहे हैं। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियां संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना अत्यंत आवश्यक कारण घरों से बाहर न निकलें, नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। उन्होंने लोगों से केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को देने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षा का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल पूरे रुद्रप्रयाग जिले में हाई अलर्ट है और प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी संभावित आपदा से समय रहते निपटना है।