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बिहार में एनडीए सरकार का 'ऑन स्पॉट' एक्शन प्लान: जनता की समस्याओं के लिए अब सीधे मैदान में उतरेंगे मंत्री

editor
  • Tapas Vishwas
  • June 26, 2026 12:06 PM
NDA government's 'on-the-spot' action plan in Bihar: Ministers to now directly hit the ground to address public grievances.

पटना। बिहार की एनडीए सरकार ने राज्य में सुशासन के एजेंडे को धरातल पर उतारने और प्रशासनिक शिथिलता को समाप्त करने के लिए एक बड़ा 'ऑन स्पॉट' एक्शन प्लान तैयार किया है। आम जनता को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि सरकार के मंत्री खुद सीधे मैदान में मौजूद रहकर लोगों की फरियाद सुनेंगे। बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में जन-सुनवाई और प्रशासनिक सक्रियता को लेकर सरकार की इस भावी रणनीति का खुलासा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जनता के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और पारदर्शिता उसकी पहली प्राथमिकता है।

मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ अब विशेष रूप से पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी मंत्रियों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य की जा रही है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों को बिना किसी बिचौलिए या देरी के सीधे सुनना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा कार्यालय में आयोजित होने वाला 'सहयोग कार्यक्रम' आम लोगों के लिए एक बड़ा और सुलभ माध्यम साबित हो रहा है। इस कार्यक्रम के तहत आने वाली हर एक शिकायत को न केवल गंभीरता से दर्ज किया जा रहा है, बल्कि उसे प्राथमिकता सूची में रखकर त्वरित गति से दूर किया जा रहा है। अपने विभागों के कामकाज और कार्यशैली में आए बदलावों की चर्चा करते हुए विजय सिन्हा ने कहा, "हमारे पास विभाग से संबंधित जो भी शिकायतें या प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे हैं, अधिकारियों को उनका तुरंत यानी 'ऑन स्पॉट' समाधान करने का सख्त निर्देश दिया गया है।" उन्होंने आगे कहा कि एनडीए सरकार का मूल उद्देश्य जनता और शासन के बीच की दूरी को पूरी तरह से मिटाना है। अमूमन देखा जाता है कि लोगों को अपने जायज कामों के लिए भी दफ्तरों की चौखट पर बार-बार दौड़ना पड़ता है, लेकिन अब इस ढर्रे को पूरी तरह बदल दिया गया है। प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस रुख को दोहराते हुए मंत्री ने कड़े लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने साफ किया कि जो भी व्यक्ति या अधिकारी नियमों का उल्लंघन करेगा या आम जनता को परेशान करेगा, उसके खिलाफ सरकार बिना किसी संकोच के सख्त से सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। एनडीए सरकार की पूरी प्राथमिकता पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही तय करना है। सुशासन की इस व्यवस्था में जो भी रोड़ा अटकाने की कोशिश करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के इस आक्रामक और जन-हितैषी रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।


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