चारधाम यात्रा से पहले ठगों का नेटवर्क सक्रिय, हेलीकॉप्टर-होटल बुकिंग के नाम पर हो रही ठगी, साइबर पुलिस अलर्ट
देहरादून: चारधाम यात्रा 2025 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होते ही साइबर ठगों ने भी अपने जाल बिछाने शुरू कर दिए हैं। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर हेलीकॉप्टर बुकिंग, होटल रिजर्वेशन और यात्रा पंजीकरण के नाम पर बड़े पैमाने पर फ्रॉड किए जा रहे हैं। उत्तराखंड साइबर पुलिस ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए कार्रवाई तेज कर दी है और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।
साइबर अपराधी सरकारी और अधिकृत कंपनियों से मिलते-जुलते नामों की फर्जी वेबसाइट्स तैयार कर रहे हैं। इन वेबसाइट्स पर हेलीकॉप्टर की सीटें हमेशा उपलब्ध दिखाई जाती हैं। सर्च इंजन में इन्हें ऊपर दिखाने के लिए तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आम श्रद्धालु असली और नकली वेबसाइट में फर्क नहीं कर पाते और ठगी का शिकार हो जाते हैं। चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा लेने वाले श्रद्धालु सबसे ज्यादा ठगों के निशाने पर हैं। हाल ही में फेसबुक पर पवन हंस कंपनी के नाम पर एक फर्जी अकाउंट का खुलासा हुआ है। इस अकाउंट के जरिए चारधाम यात्रा पैकेज के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे थे। जांच में पता चला कि यह फर्जी अकाउंट बिहार से संचालित किया जा रहा था। साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। होटल बुकिंग और फर्जी पंजीकरण पर भी ठगी हेलीकॉप्टर के अलावा ठग होटल बुकिंग और यात्रा पंजीकरण के नाम पर भी लोगों को लुभा रहे हैं। आकर्षक ऑफर देकर सोशल मीडिया और वेबसाइट्स के जरिए पैसे मांगे जा रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चारधाम यात्रा का पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है, लेकिन ठग इसके नाम पर शुल्क वसूल रहे हैं। कई टूर एंड ट्रैवल एजेंट भी फर्जी पंजीकरण देकर यात्रियों को परेशानी में डाल रहे हैं। पिछले साल भी ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिनमें कई एजेंटों को गिरफ्तार किया गया था। ठग इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर उन्हें आधिकारिक हेल्पलाइन बताते हैं। इन नंबरों पर कॉल करने वाले श्रद्धालुओं को झूठी जानकारी देकर बुकिंग के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते हैं। सीमित सीट और विशेष छूट का लालच देकर जल्दबाजी में भुगतान करवाया जाता है। उत्तराखंड साइबर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर निगरानी बढ़ा दी है। संदिग्ध वेबसाइट्स को ब्लॉक करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एएसपी साइबर क्राइम कुश मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही पंजीकरण और बुकिंग करें। किसी भी लिंक या ऑफर पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। अनजान अकाउंट में कभी पैसे ट्रांसफर न करें।
जरूरी सलाह:
चारधाम यात्रा पंजीकरण पूरी तरह फ्री है।
किसी भी प्रकार की ठगी होने पर तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।
आधिकारिक जानकारी के लिए पर्यटन विभाग के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 8394833833 पर संपर्क करें।
चारधाम यात्रा 2025 की महत्वपूर्ण तिथियां:
19 अप्रैल: यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे
22 अप्रैल: केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे
23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे
6 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू
17 अप्रैल से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू (50 काउंटर स्थापित)
चारधाम यात्रा आस्था का विषय है। साइबर ठग इसे कमाई का जरिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि उनकी पवित्र यात्रा किसी भी प्रकार की परेशानी से मुक्त रहे।