महंगाई का नया धमाका: सीएनजी की कीमतों में ₹2 प्रति किलो का उछाल
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में गहराती अनिश्चितता का सीधा असर अब देश के आम उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में आ रहे उबाल के बीच, मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र के लाखों नागरिकों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। प्रमुख गैस वितरण कंपनी ने सीएनजी के खुदरा दामों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ी हुई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। ऊर्जा बाजार में बने डर और अनिश्चितता के माहौल के कारण गैस की इनपुट कॉस्ट लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि घरेलू स्तर पर वितरण कंपनियों को मजबूरन कीमतों में इजाफा करना पड़ा है। मुंबई की लाइफलाइन कहे जाने वाले ऑटो, टैक्सी, ओला-उबर और सीएनजी बसों का परिचालन खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाएगा। सब्जियां और आवश्यक वस्तुएं: माल ढुलाई करने वाले कमर्शियल वाहनों का खर्च बढ़ने से आने वाले दिनों में फल, सब्जियों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी तेजी आने की आशंका है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम जनता और परिवहन संगठनों में भारी निराशा है। टैक्सी और ऑटो चालकों का कहना है कि कमाई का एक बड़ा हिस्सा पहले ही ईंधन में चला जाता है, अब ₹2 की अतिरिक्त वृद्धि से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। वे जल्द ही किराए में बढ़ोतरी की मांग भी कर सकते हैं, जिसका सीधा बोझ अंततः आम आदमी की जेब पर ही पड़ेगा। कुल मिलाकर वैश्विक युद्ध की आग ने मुंबई के आम आदमी की रसोई और सफर दोनों को महंगा कर दिया है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह तनाव जल्द शांत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और अधिक उछाल देखने को मिल सकता है।