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हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बना नया रिकॉर्ड: 4.80 करोड़ शिवभक्त पहुंचे धर्मनगरी, 5 करोड़ के पार जा सकता है आंकड़ा, डीएम और एसएसपी ने किया जलाभिषेक

editor
  • Tapas Vishwas
  • August 11, 2026 08:08 AM
New record set during Haridwar Kanwar Yatra: 4.80 crore Shiva devotees arrived in the holy city; the figure could cross the 5-crore mark; DM and SSP performed *Jalabhishek*.

धर्मनगरी हरिद्वार में इस वर्ष आयोजित हुआ सावन कांवड़ मेला श्रद्धालुओं की भारी संख्या और सफलता के लिहाज से एक नया इतिहास रच चुका है। सावन महीने की शुरुआत से लेकर मेले के आधिकारिक समापन तक करीब 4.80 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। कांवड़ यात्रा के निर्विघ्न और सकुशल संपन्न होने के बाद मंगलवार को हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा का विधि-विधान से पूजन व आरती की। इसके पश्चात दोनों अधिकारियों ने कनखल स्थित सुप्रसिद्ध दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने के बाद मंगलवार को हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर हरकी पैड़ी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने विधि-विधान से मां गंगा का पूजन और आरती की। इसके बाद कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सफल कांवड़ मेले के लिए आभार जताया। इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान हरकी पैड़ी और प्रमुख गंगा घाटों पर दिन-रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। कनखल, ज्वालापुर और आसपास के क्षेत्रों में भी कांवड़ियों की लगातार आवाजाही बनी रही। शिवभक्त गंगा स्नान के बाद गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे। मेले के अंतिम चरण में डाक कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से हाईवे और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया। भारी संख्या में कांवड़ वाहनों की आवाजाही के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए अलग-अलग पार्किंग और रूट प्लान लागू किए। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के मुताबिक डाक कांवड़ वाहनों की रात में रवानगी और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। बैरागी कैंप पार्किंग को निर्धारित समय और सीमा के अनुसार संचालित किया गया। उन्होंने डाक कांवड़ की वापसी को मेले की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल बताया। अधिकारियों के अनुसार पहले से तैयार प्लान के तहत इस चुनौती से निपटा गया। एसएसपी ने कहा कि पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के सामूहिक प्रयास से कांवड़ मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। उनके मुताबिक मेले के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली और पुलिस के व्यवहार को लेकर भी कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि पिछले करीब 15 दिनों में बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे और सभी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस विभाग की भूमिका की सराहना की। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कांवड़ मेले की लगातार समीक्षा की और प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यवस्थाएं संचालित की गईं। डीएम ने कहा कि इस बार के कांवड़ मेले से प्रशासन को कई महत्वपूर्ण अनुभव मिले हैं। इनसे सीख लेते हुए आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को और बेहतर बनाया जाएगा। पिछले वर्ष करीब 4.48 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे थे। इस बार यह आंकड़ा 4.80 करोड़ तक पहुंच चुका है। श्रद्धालुओं की आवाजाही अभी जारी रहने के कारण प्रशासन अंतिम संकलित आंकड़ा जारी करेगा। अधिकारियों का अनुमान है कि अंतिम संख्या पांच करोड़ के पार जा सकती है। रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे शिवभक्तों के साथ इस बार हरिद्वार ने एक बार फिर देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में अपनी विशाल जनभागीदारी दर्ज कराई है।


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