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सफर के दौरान आई मौत की खबरः ट्रेन में वॉशरूम के अंदर अचेत मिलीं जज की पत्नी! साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका

editor
  • Awaaz Desk
  • March 06, 2026 06:03 AM
News of a death during a journey: A judge's wife was found unconscious in a train washroom, a silent heart attack suspected.

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। यहां रतलाम जिले में चलती ट्रेन के वॉशरूम में एक जज की पत्नी की मौत हो गई। यह घटना कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस में सामने आई है, जहां सफर के दौरान अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई और संभवतः साइलेंट हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक राजस्थान के निंबाहेड़ा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार चौहान अपनी पत्नी उषा चौहान के साथ जोधपुर से निंबाहेड़ा लौट रहे थे। दोनों ट्रेन में सवार तो साथ हुए थे, लेकिन रिजर्वेशन अलग-अलग कोच में था, इसलिए वे अलग डिब्बों में यात्रा कर रहे थे। सफर सामान्य तरीके से चल रहा था, रास्ते में दोनों के बीच फोन पर बातचीत भी होती रही। बताया जाता है कि निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंचने से कुछ समय पहले उषा चौहान ने अपने पति को फोन किया और बताया कि वह वॉशरूम जा रही हैं। उस समय किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत आखिरी साबित होगी। कुछ ही देर बाद ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंची। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, जज राजकुमार चौहान अपने डिब्बे से उतरकर पत्नी का इंतजार करने लगे। उन्हें उम्मीद थी कि पत्नी भी अपने कोच से उतरकर प्लेटफॉर्म पर आ जाएंगी, लेकिन मिनट दर मिनट गुजरते गए और उषा चौहान नजर नहीं आईं। पहले तो उन्होंने सोचा कि शायद वह दूसरे दरवाजे से उतर गई होंगी या फिर सामान लेने में देर हो रही होगी, लेकिन जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला तो चिंता बढ़ने लगी। राजकुमार चौहान ने प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर तलाश शुरू की। उन्होंने आसपास मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इसी बीच ट्रेन भी आगे के लिए रवाना हो चुकी थी।

पत्नी के अचानक लापता होने से घबराए जज ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस सक्रिय हो गई। सबसे पहले ट्रेन की जानकारी जुटाई गई और आगे के स्टेशन को अलर्ट किया गया। पुलिस ने ट्रेन को मंदसौर स्टेशन पर रुकवाने का फैसला किया ताकि वहां जांच की जा सके। मंदसौर स्टेशन पर रेलवे पुलिस और कर्मचारियों ने कई डिब्बों की जांच की, लेकिन वहां भी उषा चौहान का कोई पता नहीं चला। इसी दौरान पुलिस ने महिला के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करवाई। लोकेशन सामने आने के बाद स्थिति कुछ हद तक साफ होने लगी। मोबाइल की लोकेशन से संकेत मिला कि फोन अभी भी उसी ट्रेन में मौजूद है। इससे यह अंदेशा बढ़ गया कि महिला शायद ट्रेन से उतरी ही नहीं हैं और किसी डिब्बे में ही मौजूद हो सकती हैं। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने ट्रेन को आगे जावरा स्टेशन पर रुकवाया। यहां पुलिस टीम ने उस आरक्षित कोच की जांच शुरू की, जिसमें उषा चौहान यात्रा कर रही थीं। जब कोच के भीतर तलाश की गई तो एक वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे शक और गहरा गया। स्थिति को गंभीर देखते हुए पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने वॉशरूम का दरवाजा तोड़ने का फैसला किया। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। वॉशरूम के अंदर उषा चौहान अचेत अवस्था में पड़ी थीं। उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने आशंका जताई कि महिला की मौत साइलेंट हार्ट अटैक की वजह से हुई है।


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