अगले 48 घंटे बेहद भारी: बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी,आईएमडी ने जारी किया ऑरेंज-येलो अलर्ट
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने (वज्रपात) को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए राजधानी पटना समेत प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश भर में बादलों की आवाजाही और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। पटना, रोहतास, नवादा और कैमूर जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ मूसलाधार बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। नवादा, बक्सर, भोजपुर, बेगूसराय, जहानाबाद, अरवल, शेखपुरा, लखीसराय, सहरसा, मधेपुरा, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, बांका, सुपौल और पश्चिमी चंपारण में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेताया है कि कटिहार, अररिया, किशनगंज और सुपौल में भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने (जलभराव) और कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी पटना में अगले दो दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश और तेज हवाएं चलने के पूरे आसार हैं। पटना जिला प्रशासन ने संभावित जलजमाव की चुनौती से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को जल निकासी (ड्रेनेज) प्रणालियों और पंपिंग स्टेशनों को दुरुस्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा, शहर के संवेदनशील और निचले इलाकों में किसी भी आपात स्थिति से त्वरित निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती कर दी गई है। मौसम की इस चेतावनी के बीच कृषि विभाग ने राज्य के किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में खड़ी खरीफ फसलों (विशेषकर धान की नर्सरी और अन्य फसलों) को जलजमाव के नुकसान से बचाने के लिए पानी की निकासी का तुरंत समुचित प्रबंध करें। लगातार बारिश और जलभराव से फसलों के सड़ने या नष्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। अगले 48 घंटों तक जब तक बहुत जरूरी न हो, लंबी दूरी की या खुले में यात्रा करने से परहेज करें। मेघ गर्जन या वज्रपात के समय पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या खुले खेतों में शरण न लें। निचले इलाकों और पानी भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने से बचें। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जा रही चेतावनियों का सख्ती से पालन करें।