नीतीश का भाजपा प्रत्याशी को आशीर्वाद, बांकीपुर में एनडीए ने एकजुटता की तस्वीर से विपक्ष को दिया जवाब
पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने एकजुटता का बड़ा संदेश दिया है। भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ 'अभिषेक बंटी' ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही उपचुनाव में एनडीए की मजबूती का संदेश स्पष्ट हो गया।
दरअसल, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनावी मैदान में उतरते ही यह दावा किया था कि भाजपा ने जनता दल (यू) को धोखा देकर मुख्यमंत्री की कुर्सी अपने पास कर ली है। उनके इस बयान के बाद बांकीपुर में जदयू के भीतर असंतोष और भितरघात की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि, भाजपा और जदयू के शीर्ष नेताओं की यह संयुक्त मुलाकात उन अटकलों पर विराम लगाने वाली मानी जा रही है। मुलाकात के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करेगा। उन्होंने बताया कि गठबंधन के सभी घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं से लगातार संपर्क और बैठकें की जा रही हैं ताकि चुनाव में जीत का अंतर और अधिक बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि एनडीए पूरी मजबूती और समन्वय के साथ चुनाव मैदान में उतरा है। भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' ने कहा कि उनका जीवन हमेशा बांकीपुर की जनता के बीच बीता है। उन्होंने बताया कि वे करीब दो दशकों तक भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के साथ जुड़े रहे और उनके मार्गदर्शन में संगठन व जनता की सेवा की। अब उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए वे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास और जनसेवा के संकल्प के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। अभिषेक बंटी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद भी वे जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि बांकीपुर की जनता विकास और स्थिर नेतृत्व के पक्ष में मतदान करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभिषेक कुमार सिन्हा को जीत का आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की। उन्होंने अग्रिम जीत की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में एनडीए की एकजुटता और विपक्ष की रणनीति की भी परीक्षा बन गया है। ऐसे में नीतीश कुमार और भाजपा नेतृत्व की यह साझा तस्वीर चुनावी माहौल में बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाली मानी जा रही है।