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चारधाम यात्रा में 48 लाख पार हुआ श्रद्धालुओं का आंकड़ा, यमुनोत्री में बना नया रिकॉर्ड

editor
  • Tapas Vishwas
  • August 22, 2026 12:08 PM
Number of pilgrims on Char Dham Yatra crosses 4.8 million; new record set at Yamunotri.

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की कठिन चुनौतियों और लगातार बारिश के बावजूद चारधाम यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। इस यात्राकाल के शुरुआती 125 दिनों के भीतर ही दर्शनार्थियों की संख्या 48 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। यह संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5 लाख 22 हजार से अधिक है। विशेष रूप से यमुनोत्री धाम की यात्रा ने इस वर्ष एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जहां पहली बार श्रद्धालुओं का आंकड़ा 6.68 लाख के पार पहुंच गया है।

उत्तराखंड में मानसून की चुनौती और खराब मौसम के बीच भी चारधाम यात्रा ने रफ्तार बनाए रखी है। यात्रा शुरू होने के महज 125 दिनों में ही 48 लाख चार हजार 897 श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5 लाख 22 हजार 634 अधिक है। सबसे बड़ी उपलब्धि यमुनोत्री धाम ने हासिल की है, जहां पहली बार श्रद्धालुओं का आंकड़ा 6.68 लाख के पार पहुंच गया है। चारधाम यात्रा के बढ़ते आंकड़े एक बार फिर उत्तराखंड में तीर्थाटन के प्रति श्रद्धालुओं के बढ़ते आकर्षण को दर्शा रहे हैं। इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ था। शुक्रवार 21 अगस्त तक 125 दिनों में 48,04,897 श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं। जबकि वर्ष 2025 में इसी अवधि तक 42,82,263 श्रद्धालु पहुंचे थे। इस बार यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। अब तक 6,68,163 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। वर्ष 2025 में पूरे यात्रा काल में यमुनोत्री पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 6,44,637 थी। इस तरह इस बार पिछला रिकॉर्ड भी पार हो गया है और यात्रा अभी जारी है। बदरीनाथ धाम भी श्रद्धालुओं की पसंद में आगे बना हुआ है। यहां अब तक 16,54,263 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में बदरीनाथ में 3,62,304 अधिक यात्री पहुंचे हैं। वहीं केदारनाथ में 14,65,370 और गंगोत्री धाम में 7,47,671 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। चारधाम यात्रा के साथ हेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 2,69,430 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं। मानसून के दौरान मौसम की चुनौती के बावजूद तीर्थयात्रियों के उत्साह में कमी नहीं आई है। मानसून के दौरान यात्रा को सुरक्षित बनाए रखना सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए समय-समय पर एडवाइजरी भी जारी की जा रही है। खराब मौसम होने पर प्रशासन यात्रा को नियंत्रित करने से भी पीछे नहीं हट रहा है। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी यात्रा व्यवस्थाओं, सड़क मार्ग, मौसम और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर लगातार नजर रखे हुए हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम और यात्रा पड़ावों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन का जोर यात्रा को सुचारू रखने के साथ आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव पर है। मौसम की चुनौतियों के बीच लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या ने उत्तराखंड के तीर्थाटन को नई ऊंचाई दी है। 48 लाख का आंकड़ा पार होने के बाद अब यात्रा प्रबंधन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ने की चुनौती है। फिलहाल आस्था का सैलाब मौसम की मुश्किलों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।
 


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