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एक ओर हम विश्व हिंदी दिवस मना रहे दूसरी तरफ यहाँ हाईकोर्ट ने कहा अंग्रेजी ही अदालत की भाषा,दूसरी भाषा पर नही दे सकते ज़ोर

editor
  • Kanchan Verma
  • January 10, 2022 11:01 AM
On one hand we are celebrating World Hindi Day, on the other hand the High Court here said that English is the only language of the court, cannot emphasize on other language.

आज हम सब विश्व हिंदी दिवस मना रहे है। सोशल मीडिया से लेकर हर जगह हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए एक मुहिम सी छिड़ी हुई है। बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन तक ने विश्व हिंदी दिवस पर स्वर व्यंजन बेहद खूबसूरती के साथ प्रस्तुत किये है। वहीं दूसरी तरफ देश के पहले ऐसा हाईकोर्ट जहां सुनवाई की यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग की शुरुआत हुई थी,वहाँ अंग्रेजी के अलावा किसी और भाषा के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गयी है। एक मामले की सुनवाई में गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायालय की भाषा अंग्रेजी ही है, ऐसे में दूसरी भाषा बोलने पर जोर नहीं दे सकते। इसके लिए हाईकोर्ट के जज ने संविधान के अनुच्छेद 348 का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट की भाषा अंग्रेजी होगी। 
गुजरात हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई चल रही थी कोर्ट में पेश हुए एक व्यक्ति ने कहा कि मैं गुजराती में दलील पेश करूंगा,इसीलिए सुनवाई गुजराती में हो,चीफ जस्टिस अरविंद कुमार ,जस्टिस आशुतोष जे शास्त्री की खंडपीठ ने जवाब देते हुए कहा कि हम गुजराती नही समझ सकते,अगर आप वकील का खर्चा उठाने में सक्षम हो तो आपको वकील की सेवा दिलवा सकते है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर पक्षकार गुजराती में दलील देगा तो हम भी कन्नड़ में जवाब देंगे। मामले की सुनवाई में कोर्ट द्वारा दी गयी ये टिप्पणी अहम मानी जा रही है। वहा कोर्ट में अंग्रेजी पर ज़ोर दिया गया जबकि हिंदी भाषा पूरे देश मे बोली भी जाती है और समझी भी। लेकिन वहां कोर्ट में गुजराती,कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा  के बीच ही बहस होती रही।


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