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गैरसैंण बजट सत्र के पांचवें दिन भ्रष्टाचार पर गरमाया सदन, CAG रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 13, 2026 01:03 PM
On the fifth day of the Gairsain Budget Session, the House heated up over the issue of corruption, as the Opposition cornered the government over the CAG report.

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 का पांचवां दिन शुक्रवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में हंगामेदार माहौल के बीच शुरू हुआ। सदन में जहां बजट पर चर्चा जारी रही, वहीं विपक्ष ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई। दिनभर की कार्यवाही में कई विभागों के बजट पारित होने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई। इसके साथ ही विनियोग विधेयक पारित किए जाने और सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने की संभावना भी जताई जा रही है।

बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस ने नियम 310 के तहत भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग की थी, हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने इस विषय को नियम 58 के तहत सुनने की अनुमति दी। इसके बाद सदन में भ्रष्टाचार को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने नियम 58 के तहत चर्चा के दौरान सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू प्रणाली समाप्त कर पारदर्शिता लाने का प्रयास किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने होम्योपैथिक डॉक्टरों की भर्ती में नियम बदलकर भ्रष्टाचार के लिए रास्ता खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सीबीएसई की पाठ्यपुस्तक जहां लगभग 60 रुपये में उपलब्ध है, वहीं उत्तराखंड में वही किताब करीब 100 रुपये में बेची जा रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती घोटाले ने यह साफ कर दिया है कि रोजगार का भी सौदा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश में 67 हजार से अधिक सरकारी बसें बिना फिटनेस के चल रही हैं, जिसका उल्लेख नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में किया गया है। 

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़ें लगातार मजबूत हो रही हैं और भाजपा सरकार का “जीरो टॉलरेंस” का नारा पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती घोटाले, योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितताओं और विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। सरकार सुशासन की बात तो करती है, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है। यशपाल आर्या ने कहा कि विकास प्राधिकरणों में बिना रिश्वत दिए नक्शे पास नहीं होते। अवैध खनन और खनन डंपर चालकों से वसूली जैसे मामलों के भी आरोप सामने आते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के कार्यों में भी अनियमितताओं का जिक्र CAG रिपोर्ट में किया गया है। सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कई परियोजनाओं में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। देहरादून के परेड ग्राउंड में हुए रीडेवलपमेंट कार्यों में कथित धांधली का मामला भी चर्चा में आया। विपक्ष का कहना है कि इन मामलों में सरकार को सदन के भीतर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति पूरी तरह सख्त है और किसी भी तरह की अनियमितता पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गैरसैंण में चल रहे इस बजट सत्र के अंतिम चरण में सदन का माहौल काफी गर्म है। भ्रष्टाचार, बजट और विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है, जबकि दिन के अंत तक विनियोग विधेयक पारित होने और सत्र के स्थगित होने की संभावना भी जताई जा रही है।


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