वन नेशन वन इलेक्शन से खुलेगी देश की तरक्की की राह! पटना में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा दावा
पटना। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' (एक देश, एक चुनाव) को वक्त की बड़ी जरूरत बताते हुए दावा किया है कि यह व्यवस्था देश के लिए तरक्की की नई राह खोलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजधानी पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को प्रबुद्ध जनों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने साल 2045 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को हासिल करने के लिए उपस्थित कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध जनों को पूरी निष्ठा के साथ शपथ भी दिलाई।
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश की चुनावी व्यवस्था में बड़े सुधार की वकालत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में हर साल देश के किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं, जिससे न केवल सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है, बल्कि बार-बार आदर्श आचार संहिता लागू होने से विकास के कार्य भी बुरी तरह बाधित होते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने पुरजोर शब्दों में कहा, "आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गंगा बह रही है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि हम जल्द से जल्द 'वन नेशन वन इलेक्शन' की अवधारणा को आत्मसात करें। अगर देश में पांच साल में सिर्फ एक बार चुनाव होंगे, तो केंद्र और राज्यों की सरकारों को साढ़े चार साल तक बिना किसी राजनीतिक रुकावट के सिर्फ और सिर्फ विकास कार्य करने का मौका मिलेगा।" इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से हाथ उठवाकर इस मुहिम के लिए जन-समर्थन भी मांगा।
केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार ने पिछले 12 वर्षों में देश की बुनियादी तस्वीर को बदला है। आज सरकार की नीतियों के कारण महिलाएं सशक्त हो रही हैं, देश के हर घर तक 'नल का जल' पहुंच चुका है और गांवों का पूरी तरह से विद्युतीकरण (बिजली आपूर्ति) किया जा चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकसित भारत के बड़े लक्ष्य के साथ-साथ हमारी सरकार 'समृद्ध बिहार' के निर्माण के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। बदलते वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश इस समय कई तरह के कठिन दौर से गुजर रहा है, लिहाजा हम सभी को मिलकर इन स्थितियों का मुकाबला करना होगा। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि हमें विदेशी सामानों पर अपनी निर्भरता को कम से कम करना होगा और ज्यादा से ज्यादा 'स्वदेशी' उत्पादों को अपनाना होगा। स्वदेशी की बदौलत ही हम भारत की अर्थव्यवस्था को दुनिया में सबसे मजबूत बना सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने अंत में देश के विकास में आम जनता की भागीदारी को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार तो अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर ही रही है, लेकिन एक नागरिक के तौर पर हमारा भी कर्तव्य है कि हम देश के लिए पूरी ईमानदारी से मेहनत करें। यदि देश का हर नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील हो जाए, तो भारत को दुनिया की महाशक्ति और तरक्की करने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।