ऑपरेशन सिंदूर' के एक साल बाद राजनाथ की दहाड़! कहा-हम पाकिस्तान से लंबी जंग को थे तैयार,अपनी शर्तों पर रोकी थी कार्रवाई
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले साल भारत ने यह सैन्य अभियान किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर स्वेच्छा से रोका था। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भारत उस समय पाकिस्तान के खिलाफ एक लंबी और निर्णायक लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार था और आज भी हमारी सैन्य क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत है।
एएनआई नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि 7 मई 2025 को शुरू किया गया 'ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग शहीद हुए थे) का करारा जवाब था। भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर लश्कर, जैश और हिजबुल के 9 बड़े ठिकानों को नेस्तनाबूद किया और 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया। रक्षा मंत्री ने कहा, यह ऑपरेशन दुनिया के लिए संदेश था कि भारत अब सिर्फ निंदा नहीं करता, बल्कि घर में घुसकर मारता है। रक्षा मंत्री ने बताया कि संघर्ष के दौरान भारत को परमाणु हमले की धमकी भी दी गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, हम किसी दबाव में नहीं आए। हमारी सेना न केवल शांति काल में, बल्कि युद्ध के दौरान भी तेजी से संसाधन जुटाने और अपनी ताकत बढ़ाने में सक्षम है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा कि आज भारत अपनी 'आईटी' क्षमता के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान की पहचान 'इंटरनेशनल टेररिज्म' के केंद्र के रूप में बन गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद केवल एक सुरक्षा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके तीन पहलू हैं ऑपरेशनल, वैचारिक और राजनीतिक। जब तक इन तीनों जड़ों पर प्रहार नहीं होगा, तब तक इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। रक्षा मंत्री ने अंत में दोहराया कि मोदी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।