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 नशा तस्करों पर पुलिस का करारा प्रहार: दो बड़े तस्करों की 6.70 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू

editor
  • Tapas Vishwas
  • March 22, 2026 10:03 AM
Operación policial contra narcotraficantes: Comienza el proceso para confiscar bienes por valor de 6,70 millones de rupias pertenecientes a dos importantes narcotraficantes.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब संपत्ति जब्ती के स्तर पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्तियों पर नकेल कसने का अभियान तेज हो गया है। इसी क्रम में दो कुख्यात तस्करों रिफाकत और संजय गुप्ता की कुल 6.70 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई नशा माफिया के लिए कड़ा संदेश साबित हो रही है।

पहला मामला थाना पुलभट्टा क्षेत्र का है, जहां स्मैक तस्कर रिफाकत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो रही है। 1 जनवरी को पुलिस चेकिंग के दौरान रिफाकत ने टीम पर जानलेवा फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से 1060 ग्राम स्मैक, एक 315 बोर तमंचा और कारतूस बरामद हुए थे। इस मामले में NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि रिफाकत लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। उसके खिलाफ हत्या, तस्करी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 18 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। आर्थिक जांच में उसके नाम पर करीब 3.70 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ, जिसमें प्लॉट, मकान और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। 19 मार्च को सक्षम प्राधिकरण, नई दिल्ली में इन संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। दूसरा मामला गांजा तस्करी के बड़े सरगना संजय गुप्ता से जुड़ा है। 11 अप्रैल 2025 को पुलभट्टा पुलिस ने एक वाहन से 434.748 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। जांच में संजय गुप्ता मुख्य आरोपी निकला। वह अन्य राज्यों से गांजा मंगवाकर उत्तराखंड में सप्लाई करता था और खुद को बचाने के लिए वाहनों को दूसरों के नाम पर चलाता था। जांच के दौरान पता चला कि उसने तस्करी से करीब 3 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है, जिसमें प्लॉट, दुकानें, मकान और वाहन शामिल हैं। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत इन संपत्तियों के जब्तीकरण के लिए 19 मार्च को सक्षम प्राधिकरण के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध से अर्जित कोई भी संपत्ति बख्शी नहीं जाएगी। एसएसपी ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी या किसी आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचनादाताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्रवाई न केवल नशा तस्करों के आर्थिक आधार को कमजोर करेगी, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ाएगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे तत्वों पर लगातार शिकंजा कसता रहेगा और अवैध कमाई से बनी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी। जिले में नशा मुक्ति अभियान को और मजबूत करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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