दर्दनाकः मासूम बच्चों को सुलाकर दुर्गा पूजा देखने गए थे माता-पिता! घर पहुंचे तो मची चीख-पुकार, आग में जिंदा जल गए कलेजे के टुकड़े
बहराइच। यूपी के बहराइच से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां घर में सो रहे दो मासूम बच्चों की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गयी। बताया जाता है कि बच्चों के माता-पिता उन्हें सुलाकर पड़ोस में हो रहे दुर्गा पूजा कार्यक्रम में गए थे, तभी घर में मोमबत्ती से आग लग गयी। जब वो लौटे तो दोनों बच्चों की मौत हो चुकी है। बच्चों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मृतक बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामला थाना बौंडी क्षेत्र अंतर्गत बैरिया गांव के बेहड़ा मजरे की है, जहां बीती रात ये दर्दनाक घटना हो गई। जानकारी के अनुसार बद्री विशाल मिश्रा अपनी पत्नी तारा व दो मासूम बच्चों 6 वर्षीय सत्या और 4 वर्षीय शनि के साथ रहते थे। बीती रात विशाल पत्नी तारा संग पड़ोस में हो रही दुर्गा पूजा कार्यक्रम को देखने के लिए गए थे। वो अपने साथ बच्चों को भी ले गए थे। लेकिन देर तक चले कार्यक्रम के दौरान दोनों बच्चे सोने लगे। जिस पर विशाल अपने दोनो बच्चों को सुलाने के लिए घर आ गए, जबकि पत्नी तारा एक नवजात बच्चे के साथ कार्यक्रम में ही रुक गई।
मोमबत्ती से घर में लगी आग
विशाल ने घर के कमरे में एक ही बिस्तर पर दोनो बच्चों को सुला दिया और उजाले के लिए सिरहाने रखे कूलर के ऊपर मोमबत्ती जलाकर रख दी और कमरा बंद कर वापस दुर्गा पूजा कार्यक्रम देखने चले गए। इधर जलती मोमबत्ती बिस्तर पर गिर गई जिससे आग लग गई। इस आग के चलते दोनो बच्चों की झुलसने से मौत हो गई। काफी देर बाद जब विशाल अपनी पत्नी के साथ घर पहुंचे तो कमरे से निकल रहे धुएं को देखकर हक्का-बक्का रह गए। उन्होंने कमरा खोला लेकिन तब तक दोनो बच्चों की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दम घुटना भी हो सकता है मौत का कारण
इस घटना में मृतक बच्चों की उंगलियों के निशान कमरे की दीवार पर पाए गए हैं। जिससे ये अंदाजा लगाया जा रहा है की आग लगने के बाद कमरे में काफी धुआं भर गया होगा और बच्चों ने कमरे से निकलने की भरपूर कोशिश की होगी। लेकिन कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण वो बाहर नहीं निकल सके। दुर्गा पूजा में साउंड की तेज आवाज के चलते बच्चों के चीख किसी को सुनाई नहीं दी। कुछ लोग बच्चों की मौत का कारण दम घुटना भी बता रहे हैं।