रामगढ़ सदर अस्पताल में एसी ब्लास्ट से मचा हड़कंप,ऑपरेशन थिएटर में लगी आग,सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
रामगढ़। रामगढ़ सदर अस्पताल में गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के बाहर लगे एयर कंडीशनर में अचानक तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया। धमाके के बाद एसी में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा मॉड्यूलर ओटी घने धुएं से भर गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। हालांकि अस्पताल प्रशासन, चिकित्सकों, कर्मचारियों और स्थानीय युवकों की त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी भी मरीज या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मॉड्यूलर ओटी के बाहर गैलरी में लगे तीन एयर कंडीशनरों में से एक में अचानक विस्फोट हुआ। ब्लास्ट के साथ ही आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरा ऑपरेशन थिएटर धुएं से भर गया। धुएं की वजह से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई। ऐसे में अस्पताल कर्मियों ने बिना समय गंवाए सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई और फिर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। घटना के समय अस्पताल के ऊपरी तल पर करीब 10 से 12 मरीज भर्ती थे। इनमें तीन से चार नवजात शिशु भी शामिल थे। कर्मचारियों और डॉक्टरों ने सभी मरीजों को सुरक्षित नीचे के वार्डों में शिफ्ट कर दिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मरीजों के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस, अस्पताल प्रबंधन और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। हालांकि आग बुझने के बाद भी काफी देर तक मॉड्यूलर ओटी धुएं से भरा रहा। एहतियात के तौर पर प्रभावित हिस्से को खाली करा दिया गया और अन्य वार्डों में इलाज की व्यवस्था की गई। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार महतो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मॉड्यूलर ओटी के बाहर लगे एयर कंडीशनर में ब्लास्ट होने के कारण आग लगी। उन्होंने कहा कि सभी मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। साथ ही घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है और मॉड्यूलर ओटी को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में उपाधीक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार महतो, अस्पताल कर्मी विक्की, ओम प्रकाश शर्मा, मिथुन कुमार कुशवाहा तथा स्थानीय युवक रवि और गौतम ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए आग बुझाने और मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की बदौलत संभावित बड़ा हादसा टल गया। अब अस्पताल प्रशासन घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।