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पंतनगर विवि का 37वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल ने 1395 मेधावियों को सौंपी डिग्रियां,बोले- लैब का शोध सीधे किसानों के खेत तक पहुँचे

editor
  • Tapas Vishwas
  • April 07, 2026 02:04 PM
Pantnagar University's 37th Convocation: Governor Confers Degrees Upon 1,395 Meritorious Students; Urges That Lab Research Reach Directly to Farmers' Fields

पंतनगर। देश में हरित क्रांति की जननी रहे गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 37वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को विश्वविद्यालय के गांधी हॉल में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कुल 1395 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान कीं। इस दौरान विश्वविद्यालय का परिसर मेधावियों के उत्साह और सुनहरे भविष्य के संकल्पों से गुंजायमान रहा। दीक्षांत भाषण देते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन अब समय भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन तकनीक और डेटा एनालिटिक्स जैसे आधुनिक बदलाव अनिवार्य हैं। राज्यपाल ने वैज्ञानिकों और युवाओं से अपील की कि "विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं (लैब) में होने वाले उच्च स्तरीय शोध का वास्तविक लाभ सीधे गरीब काश्तकार के खेतों तक पहुंचना चाहिए, तभी शोध की सार्थकता सिद्ध होगी।"

समारोह के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न संकायों के टॉपरों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से अलंकृत किया। एक मेधावी छात्र को प्रतिष्ठित कुलाधिपति स्वर्ण पदक से नवाजा गया, जबकि कुलपति के 35 पदक (13 स्वर्ण, 12 रजत और 10 कांस्य) प्रदान किए गए। राज्यपाल ने विशेष रूप से छात्राओं की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पदक प्राप्त करने वाली बेटियों की बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि उत्तराखंड की बेटियां कृषि नेतृत्व के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राज्यपाल ने डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं को भविष्य का 'रोजगार प्रदाता' बनने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी के पीछे न भागें, बल्कि एग्री-स्टार्टअप्स के माध्यम से उद्यमी बनें और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें। उन्होंने उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में जैविक और प्राकृतिक खेती को भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बताया। विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पंतनगर के छात्र-छात्राओं की भूमिका अहम होगी। क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने भी विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह ने विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी योजनाओं का खाका खींचा। समारोह में सरस्वती पांडा अवॉर्ड और चौधरी चरण सिंह मेमोरियल अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी वितरित किए गए।
 


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