• Home
  • News
  • Paper leak row: Rahul Gandhi takes a dig at PM Modi—they can shut down the metro, roads, and the internet, but failed to stop the paper leak.

पेपर लीक विवाद: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तंज-मेट्रो, सड़कें और इंटरनेट बंद कर सकते हैं, लेकिन नहीं रोक पाए पेपर लीक 

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 25, 2026 06:07 AM
Paper leak row: Rahul Gandhi takes a dig at PM Modi—they can shut down the metro, roads, and the internet, but failed to stop the paper leak.

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की जायज़ आवाज़ को दबाने के लिए मेट्रो, सड़कें, दुकानें और इंटरनेट तक बंद कर सकती है, लेकिन युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट के ज़रिए सरकार की नीतियो और पुलिसिया कार्रवाई पर गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने लिखा कि छात्रों ने केवल अपने संवैधानिक अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग की थी, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ दमनकारी रवैया अपनाया।

राहुल ने तंज कसते हुए कहा, "मोदी जी, आप सब कुछ बंद कर सकते हैं; मेट्रो, सड़कें, इंटरनेट—लेकिन एक चीज़ नहीं रोक पाए, और वह है पेपर लीक।" 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने एक घायल छात्र का वीडियो भी साझा किया और आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से आवाज़ उठा रहे युवाओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि आज हक मांगने वाले देश के युवाओं को न्याय की जगह छर्रे मिल रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, दूसरी ओर करीब 60 प्रदर्शनकारी छात्रों के घायल होने की खबर है। हिंसा और झड़प की इन घटनाओं ने पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक संवेदनशील और गर्म कर दिया है। चौतरफा दबाव के बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक सिंडिकेट पर नकेल कसने के लिए कदम तेज़ कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में कड़े संशोधनों को हरी झंडी दे दी है। इस संशोधन विधेयक को 27 जुलाई को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों और देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि धांधली करने वालों के खिलाफ अत्यंत कठोर कानून बनाए जाएंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी मुद्दे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधारों की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों का लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। हालांकि, विपक्ष और विभिन्न छात्र संगठन अब भी संसद से लेकर सड़कों तक सरकार को घेरने की रणनीति पर टिके हुए हैं।


संबंधित आलेख: