परमार्थ निकेतन के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को पौड़ी पुलिस ने दिल्ली से किया गिरफ्तार।
रामानन्द तिवारी निवासी-मैनेजर स्वामी सुखदेवानन्द, ट्रस्ट परमार्थ निकेतन द्वारा 15 अप्रैल को थाना लक्ष्मण झूला पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके साथ किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा परमार्थ निकेतन के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन कमरा बुक करने पर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि जमा करा कर ऑनलाइन धोखाधड़ी व ठगी की गयी है। प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर थाना लक्ष्मण झूला थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्वेती चौबे द्वारा धोखाधड़ी की घटना को गम्भीरता से लेते हुये अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने के लिए आदेशित किया गया। जिसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर चन्द्र सुयाल के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन विभव सैनी के पर्यवेक्षण, प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मणझूला, प्रभारी सीआईयू व प्रभारी साइबर सेल के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त द्वारा ऑनलाइन बुकिंग हेतु उपलब्ध कराए गए मोबाइल नम्बर व दिए गए फर्जी अकाउन्ट नम्बरों की जाँच की गई| जिसमें अभियुक्त द्वारा फर्जी अकाउन्ट नम्बरों पर कई व्यक्तियों व श्रद्धालुओं से कमरे बुक कराये जाने के नाम पर पैंसे जमा कर धोखाधड़ी की गयी। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा की गई।
पुलिस टीम द्वारा राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली आदि स्थानों पर जाकर बैंकों के एटीएम चैक किये गये तथा बैंकों से की गई ट्रांजैक्शन के आधार पर अभियुक्त की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम उक्त स्थानों के एचडीएफसी बैंक आनंद लोक साउथ दिल्ली के एटीएम पर एक संदिग्ध व्यक्ति धनराशि निकालता हुआ दिखाई दिया, व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास किए गए। गठित टीम द्वारा अभियुक्त को 26 जुलाई को जामिया मिलिया दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार शुदा अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। अभियोग में संलिप्त अन्य वांछित अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। घटना के अनावरण होने पर परमार्थ निकेतन के पदाधिकारियों द्वारा पौड़ी पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
जांच के दौरान अभियुक्त द्वारा अभी तक विभिन्न बैंकों के सात बैंक खातों का प्रयोग कर इसी तरह धोखाधड़ी किया जाना प्रकाश में आया है। मात्र 10 दिन में लगभग ₹35 लाख का ट्रांजेक्शन किया गया| जिस पर पौड़ी पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही कर उपरोक्त बैंक खातों सहित अन्य 15 बैंक खातों को संदिग्ध लेनदेन के मध्यनजर फ्रीज कराया गया है। साथ ही साइबर सेल द्वारा उपरोक्त प्रकार की 03 फर्जी वेबसाइट व 05 फ्रॉड मोबाईल नम्बरों को ब्लॉक करवाने की कार्यवाही की गई है।