असम, केरल और पुडुचेरी में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न: 5.3 करोड़ वोटरों ने डाला वोट, 4 मई को खुलेगा फैसला
हैदराबाद। विधानसभा चुनाव 2026 के तहत असम, केरल और पुडुचेरी में गुरुवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो गया। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग देर शाम तक चली। तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 5.3 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने हजारों मतदान केंद्रों पर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और सुव्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए थे।
केरल की 140, असम की 126 और पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान हुआ। सभी संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वेबकास्टिंग, पर्याप्त सुरक्षा बल और लॉजिस्टिकल व्यवस्था से मतदान प्रक्रिया सुचारू रही। मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। असम में मुख्य मुकाबला भाजपा नीत एनडीए और कांग्रेस के बीच है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में भाजपा लगातार तीसरा कार्यकाल हासिल करने की कोशिश में है। वहीं, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई की अगुवाई में विपक्ष एक दशक बाद सत्ता वापस लाने की उम्मीद लगाए हुए है। केरल की 140 सीटों पर सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच कड़ा मुकाबला है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अगुवाई में लेफ्ट मोर्चा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य रखता है, जबकि कांग्रेस गठबंधन वापसी की कोशिश में जुटा है। पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम में कुल 1,099 मतदान केंद्रों पर लगभग 9.5 लाख मतदाताओं ने 294 उम्मीदवारों में से अपनी पसंद चुनी। यहां भी मतदान शांतिपूर्ण रहा। चुनाव आयोग ने पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए सराहनीय काम किया। मतदान के दौरान किसी भी बड़े विवाद या हिंसा की खबर नहीं आई। तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आज हुए मतदान के नतीजे 4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नतीजों के साथ घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषक इन चुनावों को 2026 के बाकी राज्यों के चुनावी रुझानों का संकेत मान रहे हैं। मतदान संपन्न होने के बाद राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत की उम्मीद में उत्साह से भरे नजर आए। अब सबकी निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो तीनों राज्यों की अगली सरकार तय करेंगे।