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तमिलनाडु की सत्ता में ‘जन नायक’ विजय का ऐतिहासिक आगाज! मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ खत्म हुआ फिल्मी सफर, अब फैंस को आखिरी फिल्म की रिलीज डेट का इंतजार

editor
  • Awaaz Desk
  • May 10, 2026 07:05 AM
"People's Hero" Vijay's historic rise to power in Tamil Nadu! His film career ends with his swearing-in as Chief Minister, and fans await the release date of his final film.

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया। वर्षों तक सिल्वर स्क्रीन पर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सुपरस्टार थलपति विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सियासत की दुनिया में अपने नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत कर दी। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में हजारों समर्थकों की मौजूदगी के बीच विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह पल न सिर्फ तमिलनाडु की राजनीति बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में भी एक बड़े बदलाव का संकेत बन गया। इस ऐतिहासिक क्षण ने दशकों से चली आ रही द्रविड़ राजनीति की पारंपरिक धुरी को तोड़ते हुए तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक धारा के उदय का संदेश दिया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने समारोह में शामिल होकर विजय को शुभकामनाएं दीं। शपथ ग्रहण समारोह में विजय का अंदाज पूरी तरह से अलग और प्रभावशाली नजर आया। जहां आमतौर पर ऐसे मौकों पर पारंपरिक वेशभूषा देखने को मिलती है, वहीं विजय ने औपचारिकता और आधुनिकता का मिश्रण पेश करते हुए ब्लैक सूट-पैंट पहनने का फैसला किया। उनका सॉल्ट-पेपर लुक और आत्मविश्वास से भरी मुस्कान पूरे समारोह में आकर्षण का केंद्र बनी रही। मंच पर आते ही स्टेडियम तालियों और नारों की गूंज से भर उठा।

फिल्मी कहानी से कम नहीं विजय का सफर
विजय का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने पिता और प्रसिद्ध निर्देशक एसए चंद्रशेखर की फिल्मों से की थी। 80 के दशक में वह सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्मों में छोटे किरदार निभाते नजर आए। वर्ष 1992 में बतौर हीरो उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा, हालांकि शुरुआती दौर में उन्हें संघर्ष का सामना करना पड़ा। लेकिन उनके पिता के विश्वास और उनकी मेहनत ने जल्द ही उन्हें सफलता की राह पर ला खड़ा किया। साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म रसीगन ने विजय को तमिल सिनेमा का नया चेहरा बना दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2003 के बाद विजय ने तमिल बॉक्स ऑफिस पर लगातार सफल फिल्मों की झड़ी लगा दी। धीरे-धीरे उनका स्टारडम इतना बढ़ा कि उन्होंने सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन जैसे दिग्गजों को चुनौती देना शुरू कर दिया। साल 2017 में निर्देशक एटली की फिल्म मर्सल ने विजय को नया नाम दिया ‘थलपति’ यानी सेनापति। इसके बाद विजय सिर्फ अभिनेता नहीं रहे, बल्कि एक जनभावना बन गए। 2017 से 2024 के बीच उनकी कई फिल्में ब्लॉकबस्टर साबित हुईं। इनमें लियो जैसी फिल्में शामिल रहीं, जिसने दुनियाभर में 600 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर विजय की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी। हालांकि आज का दिन तमिल सिनेमा के लिए भावनात्मक भी रहा। 

फिल्मी करियर पर विराम, आखिरी फिल्म का इंतजार
विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही उनके फिल्मी करियर पर लगभग विराम लग गया है। उनके प्रशंसकों के लिए यह गर्व और उदासी दोनों का क्षण है। जहां एक ओर वे अपने पसंदीदा सितारे को सत्ता की कमान संभालते देख खुश हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें इस बात का मलाल भी है कि अब विजय बड़े पर्दे पर नजर नहीं आएंगे। फिल्म इंडस्ट्री में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विजय की जगह कौन लेगा? क्या कोई नया अभिनेता उस स्टारडम को छू पाएगा जो विजय ने तीन दशकों की मेहनत से बनाया, तमिल सिनेमा के लिए यह एक बड़े संक्रमण का दौर साबित हो सकता है। इस बीच विजय के फैंस उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायक’ की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह फिल्म पिछले पांच महीनों से सेंसर बोर्ड में अटकी हुई है। फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े और बॉबी देओल अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। इसे पहले 9 जनवरी को रिलीज किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसकी रिलीज टलती रही। अब उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद विजय जल्द ही फिल्म की नई रिलीज डेट की घोषणा कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो ‘जन नायक’ उनके फिल्मी करियर की अंतिम विदाई और राजनीतिक जीवन की पहली आधिकारिक दस्तक साबित होगी।


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