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पीएम केयर्स फंड फिर हुआ मजबूत, एक साल में ₹1280 करोड़ बढ़ा खजाना,मार्च 2025 तक 8452 करोड़ रुपये

editor
  • Tapas Vishwas
  • August 18, 2026 12:08 PM
PM CARES Fund strengthened again; corpus grew by ₹1,280 crore in a year, reaching ₹8,452 crore by March 2025.

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौरान गठित पीएम केयर्स फंड की वित्तीय स्थिति को लेकर ताजा ऑडिटेड आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2025 तक फंड का कुल बैलेंस बढ़कर 8,452.07 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यानी 2023-24 के अंत में यह राशि 7,173.03 करोड़ रुपये थी। इस तरह एक साल में फंड में करीब 1,279 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार फंड की कुल राशि का बड़ा हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा गया है। मार्च 2025 तक करीब 7,846.66 करोड़ रुपये, यानी कुल फंड का लगभग 92.8 प्रतिशत, शेड्यूल्ड बैंकों में एफडी के रूप में जमा था। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान फंड को मिले योगदान, ब्याज और अन्य प्राप्तियों के मुकाबले खर्च बेहद कम रहा। वित्त वर्ष 2024-25 की शुरुआत में पीएम केयर्स फंड का बैलेंस 7,173.03 करोड़ रुपये था। पूरे साल के दौरान घरेलू और विदेशी चंदे, ब्याज से होने वाली आय तथा विभिन्न मदों में मिले रिफंड के रूप में कुल 1,279.91 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके मुकाबले फंड से महज 87.85 लाख रुपये खर्च किए गए। खर्च कम रहने के कारण वित्त वर्ष के अंत में फंड का बैलेंस बढ़कर 8,452.07 करोड़ रुपये पहुंच गया। फंड की कमाई में ब्याज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। रिपोर्ट के मुताबिक एफडी से वित्त वर्ष 2024-25 में 469.38 करोड़ रुपये ब्याज प्राप्त हुआ। वहीं सेविंग्स बैंक खातों से 5.77 करोड़ रुपये की ब्याज आय हुई।

आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 में पीएम केयर्स फंड को 479.04 करोड़ रुपये का घरेलू डोनेशन मिला। वहीं विदेशी योगदान के रूप में 92.83 लाख रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा फंड को लागू करने वाली एजेंसियों से रिफंड के तौर पर 324.66 करोड़ रुपये मिले। एफडी पर प्राप्त ब्याज पर टीडीएस के रिफंड के रूप में भी फंड को 13.49 लाख रुपये मिले। इन तमाम प्राप्तियों ने फंड के कुल बैलेंस को बढ़ाने में योगदान दिया। पीएम केयर्स फंड का गठन 27 मार्च 2020 को एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में किया गया था। इसके अगले दिन 28 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से फंड में योगदान करने की अपील की थी। इसका उद्देश्य कोरोना महामारी जैसी आपात परिस्थितियों में राहत और सहायता के लिए संसाधन जुटाना था। फंड के शुरुआती वर्षों में इसमें बड़े पैमाने पर राशि जमा हुई। 31 मार्च 2020 को समाप्त पहले वित्त वर्ष में घरेलू स्वैच्छिक योगदान के रूप में 3,075.85 करोड़ रुपये और विदेशी योगदान के रूप में 39.68 करोड़ रुपये दर्ज किए गए। ब्याज और शुरुआती राशि को मिलाकर वित्त वर्ष के अंत में बैलेंस 3,076.63 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2020-21 में फंड में भारी योगदान आया। इस दौरान घरेलू डोनेशन से 7,183.78 करोड़ रुपये, विदेशी योगदान से 494.92 करोड़ रुपये और ब्याज के रूप में 224.33 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। शुरुआती बैलेंस और अन्य प्राप्तियों को मिलाकर उस वर्ष फंड के पास कुल 10,990.17 करोड़ रुपये उपलब्ध थे। कोरोना महामारी के चरम के दौरान फंड से बड़े पैमाने पर खर्च भी किया गया। 2020-21 में करीब 3,976.17 करोड़ रुपये खर्च हुए। यह राशि मुख्य रूप से कोरोना से निपटने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़े उपायों पर खर्च की गई। 2021-22 में भी कोरोना से जुड़ी जरूरतों पर बड़े पैमाने पर खर्च हुआ। इस वर्ष फंड को स्वैच्छिक योगदान के रूप में 1,896.76 करोड़ रुपये और विदेशी योगदान के रूप में 40.12 करोड़ रुपये मिले। फंड से 3,716.29 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस राशि से ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट, करीब 99,986 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन कंट्रोल सिस्टम, कोविड अस्पताल और लिक्विड ऑक्सीजन से जुड़े उपकरण उपलब्ध कराने जैसे काम किए गए। भारी खर्च के चलते 2021-22 के अंत में फंड का बैलेंस घटकर 5,415.66 करोड़ रुपये रह गया। कोरोना महामारी का प्रभाव कम होने के साथ फंड से होने वाला खर्च भी तेजी से घटा। वित्त वर्ष 2022-23 में फंड को 1,307.41 करोड़ रुपये मिले और 439.38 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बाद क्लोजिंग बैलेंस बढ़कर 6,283.68 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2023-24 में फंड को 904.95 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि खर्च महज 15.60 करोड़ रुपये रहा। इसमें से 15.38 करोड़ रुपये पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत खर्च किए गए। कम खर्च के कारण मार्च 2024 तक फंड का बैलेंस बढ़कर 7,173.03 करोड़ रुपये हो गया। ताजा आंकड़े बताते हैं कि महामारी के चरम दौर में बड़े पैमाने पर राहत एवं स्वास्थ्य संबंधी खर्च के बाद अब पीएम केयर्स फंड का बड़ा हिस्सा सुरक्षित निवेश के रूप में रखा गया है। मार्च 2025 तक 8,452 करोड़ रुपये से अधिक का बैलेंस और उसमें करीब 92.8 प्रतिशत राशि एफडी में होना फंड की मौजूदा वित्तीय स्थिति की तस्वीर पेश करता है।


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