ऐतिहासिक स्लोवाकिया दौरे पर पीएम मोदी: ब्रातिस्लावा में मिला भव्य 'गार्ड ऑफ ऑनर', गूंजा 'वंदे मातरम'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो देशों की विदेश यात्रा के दूसरे और बेहद महत्वपूर्ण चरण के तहत रविवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे। साल 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता और एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में गठन के बाद से पिछले तीन दशकों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली ऐतिहासिक यात्रा है। ब्रातिस्लावा आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का अत्यंत भव्य और राजकीय स्वागत किया गया, जहां उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको खुद उनके साथ मौजूद रहे। ब्रातिस्लावा पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत स्लोवाक संस्कृति की ऐतिहासिक और समृद्ध परंपरा 'ब्रेड और सॉल्ट' (रोटी और नमक) भेंट करके किया गया। इस अनूठे स्वागत से अभिभूत पीएम मोदी ने कहा कि यह परंपरा स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अतिथि सत्कार की गहरी भावना को दर्शाती है। स्लाविक संस्कृति में इस परंपरा का विशेष महत्व है, जहाँ 'रोटी' समृद्धि और जीवन-निर्वाह का संकेत देती है, जबकि 'नमक' अटूट मित्रता, मूल्य और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
होटल पहुंचने पर प्रवासी भारतीयों और स्थानीय कलाकारों ने प्रधानमंत्री का अविस्मरणीय स्वागत किया। स्लोवाकिया के प्रसिद्ध सांस्कृतिक समूह 'ल्यूक्निका एन्सेम्बल' ने भारत के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की एक बेहद मनमोहक और भावुक कर देने वाली प्रस्तुति दी। वहीं, स्लोवाकिया के ही एक अन्य संगीत समूह 'महादेवा कीर्तन प्रोजेक्ट' ने एक अलौकिक आध्यात्मिक प्रस्तुति (कीर्तन) पेश की, जिसने माहौल को भक्तिमय कर दिया। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ने म्यावा क्षेत्र के प्रसिद्ध बाल लोक-नृत्य समूह ‘कोपानिसियारिक’ की पारंपरिक लोक कला का भी आनंद लिया और कलाकारों की जमकर सराहना की। प्रवासी भारतीयों के इस अपार स्नेह पर आभार जताते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "कल शाम ब्रातिस्लावा में मिला स्वागत वास्तव में विशेष था। भारतीय समुदाय के स्नेह और आत्मीयता के लिए मैं उनका आभारी हूं। ऐसे भावनात्मक संबंध हमारे लोगों को जोड़ते हैं और भारत-स्लोवाकिया मित्रता को और मजबूत बनाते हैं। सांस्कृतिक स्वागत के बाद कूटनीतिक बैठकों का दौर शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ब्रातिस्लावा कैसल' में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय मुलाकात की। इस यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे और स्लोवाकिया के शीर्ष व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों (बिजनेस लीडर्स) के साथ राउंड-टेबल बैठक करेंगे। दोनों देशों के बीच यह बैठक रक्षा, व्यापार, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। स्लोवाकिया पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के दौरे पर थे, जहां उन्होंने नीस शहर में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई दी थी। फ्रांस से सीधे स्लोवाकिया पहुंचे पीएम मोदी ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "यह यात्रा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को और गहरा करने तथा सहयोग के नए अवसर तलाशने का बेहतरीन मौका है। मैं राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको के साथ होने वाली उत्पादक बैठकों के लिए बेहद उत्सुक हूं।" इस दो दिवसीय ऐतिहासिक दौरे पर अब पूरे यूरोपीय संघ की नजरें टिकी हुई हैं।