प्रधानमंत्री मोदी ने फूंका नशे के खिलाफ महाअभियान का बिगुल: 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' संकल्प अभियान की शुरुआत
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशव्यापी जन-भागीदारी आंदोलन 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' का भव्य शुभारंभ किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश के 28 हजार से अधिक स्थानों से 1 करोड़ से अधिक युवाओं, छात्रों और स्वयंसेवकों ने ऑनलाइन जुड़कर नशे के खिलाफ एक सुर में राष्ट्रीय संकल्प लिया।
आपको बात दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशभर में युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करने के उद्देश्य से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया और नशामुक्त भारत के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल किसी व्यक्ति या परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देश ने विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया है, तो उसके लिए आवश्यक है कि देश का युवा तन और मन से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और नशे जैसी घातक प्रवृत्तियों से पूरी तरह दूर रहे। उन्होंने कहा कि "नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।" उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ड्रग्स और अन्य नशे के दुष्प्रभावों को समझें तथा समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी निभाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार व्यक्तिगत प्रयास लंबे समय तक जारी रखना कठिन होता है, लेकिन जब कोई अभियान जनआंदोलन बन जाता है और करोड़ों लोग कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ते हैं, तो हर व्यक्ति को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान देश के हर युवा के मन तक पहुंचेगा और उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। पीएम मोदी ने घोषणा की कि आने वाले 100 रविवार नशामुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम साबित होंगे। इस दौरान पूरे देश में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें खेल प्रतियोगिताएं, वॉकाथॉन, योग एवं ध्यान सत्र, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, परिचर्चाएं, कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक जागरूकता अभियान शामिल होंगे। अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वयंसेवकों और संगठनों को 50वें, 75वें और 100वें सप्ताह पर सम्मानित भी किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले की तुलना में अब कई गुना अधिक ड्रग तस्करों की गिरफ्तारियां हुई हैं और हजारों करोड़ रुपये मूल्य की मादक पदार्थों की खेप जब्त की गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार नशे के कारोबार के खिलाफ पूरी सख्ती से अभियान चला रही है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि "आप भारत की अमृत पीढ़ी हैं। अगले 20-25 वर्षों में आप ही देश को विकसित भारत की मंजिल तक पहुंचाएंगे। देश को आपकी ऊर्जा, आपकी प्रतिभा और आपकी कल्पनाशक्ति की जरूरत है। इसलिए अपने जीवन और देश के भविष्य के लिए खुद को नशे से दूर रखना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने परिवारों से भी भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा गलती से नशे की गिरफ्त में आ जाए तो उसे सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से छिपाने के बजाय उसका उपचार कराया जाए। उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों के साथ खुलकर संवाद करना चाहिए, ताकि वे किसी गलत संगत या नशे की लत में फंसने से पहले ही सही मार्गदर्शन पा सकें। उन्होंने रिहैबिलिटेशन सेंटर, मेडिकल सहायता, योग और ध्यान जैसी व्यवस्थाओं का लाभ उठाने की भी सलाह दी। यह राष्ट्रव्यापी अभियान ‘माई भारत’ के युवा स्वयंसेवकों के नेतृत्व में संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प को मजबूत करना और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जनआंदोलन का स्वरूप देना है। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि देश का युवा जागरूक, जिम्मेदार और परिवर्तन का वाहक है। उन्होंने विश्वास जताया कि करोड़ों युवाओं की भागीदारी से यह अभियान न केवल नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना पैदा करेगा, बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।