इजराइल दौरे पर पीएम मोदी ने पहनी उत्तराखंडी टोपी, ब्रह्मकमल से सजा पारंपरिक प्रतीक बना आकर्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे की एक खास तस्वीर ने उत्तराखंडवासियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दो दिवसीय इजराइल यात्रा के दौरान पीएम मोदी पारंपरिक उत्तराखंडी पहाड़ी टोपी पहने नजर आए। इस खास अंदाज ने न केवल उत्तराखंड के प्रति उनके स्नेह को दर्शाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की सांस्कृतिक और सैन्य विरासत को भी उजागर किया।
प्रधानमंत्री ने इजराइल प्रवास के पहले दिन वहां की संसद नेसेट को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का दौरा किया और इजराइली कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने रिमेंबरेंस पहुंचकर होलोकॉस्ट के लाखों पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी दौरान वे उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी में दिखाई दिए, जिसने सबका ध्यान खींचा। पौड़ी गढ़वाल से लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने पीएम मोदी की तस्वीरें साझा करते हुए उत्तराखंड के प्रति उनके प्रेम और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव है और वे राज्य के हालातों को लेकर लगातार जानकारी लेते रहते हैं। उत्तराखंडी पहाड़ी टोपी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। इस टोपी पर ब्रह्मकमल का फूल अंकित होता है, जो उत्तराखंड का राज्य पुष्प है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मकमल का उल्लेख रामायण काल से जुड़ा माना जाता है और इसे भगवान शिव की पूजा में विशेष महत्व प्राप्त है। टोपी में चार रंगों की पट्टियां बनी होती हैं, जो जीव, प्रकृति, धरती और आकाश के सामंजस्य का संदेश देती हैं। पारंपरिक रूप से सर्दियों के लिए इसे ऊनी ट्वीड कपड़े से बनाया जाता है, जबकि गर्मी के मौसम में खादी का उपयोग किया जाता है। प्रधानमंत्री द्वारा अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान इस टोपी को धारण करना राज्य की सैन्यभूमि और वीर परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक भी माना जा रहा है। उत्तराखंड लंबे समय से भारतीय सेना में अपने योगदान और शौर्य के लिए जाना जाता है। पीएम मोदी का यह अंदाज एक बार फिर यह संदेश देता है कि वैश्विक मंच पर भी वे भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विविधता को गर्व के साथ प्रस्तुत करते हैं। उत्तराखंड की यह पारंपरिक टोपी अब विश्व मंच पर भी अपनी अलग पहचान बना रही है।