काशी में पीएम मोदी का भव्य दौरा: 6300 करोड़ की योजनाओं की सौगात, ‘नारी शक्ति’ रैली और बाबा विश्वनाथ के दर्शन से गूंजेगी वाराणसी
वाराणसी | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर अपनी कर्मभूमि और शिव की नगरी काशी पहुंच चुके हैं। साल 2024 का यह उनका पहला वाराणसी दौरा है, जो विकास और 'नारी शक्ति' के संगम का गवाह बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री बरेका परिसर में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे और काशीवासियों को करीब 6,332 करोड़ रुपये की 163 परियोजनाओं का उपहार देंगे। इस दौरान वह 20 घंटे काशी में रुकेंगे और बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय वाराणसी दौरा आज से शुरू हो गया है, जिसे लेकर पूरी काशी उत्साह और तैयारियों के रंग में रंगी नजर आ रही है। अपने संसदीय क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण दौरे में प्रधानमंत्री करीब 6,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही ‘नारी शक्ति’ को समर्पित एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे, जिसमें लगभग 40 से 50 हजार महिलाओं की भागीदारी तय मानी जा रही है। प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यक्रम बरेका परिसर में आयोजित होगा, जहां वे महिला सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं से सीधे संवाद करेंगे। इस रैली को खास तौर पर महिलाओं को समर्पित किया गया है, जिससे सरकार के महिला सशक्तीकरण के एजेंडे को मजबूती मिलेगी। भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम को शाम के समय रखा गया है और सुरक्षा व सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी करेंगे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी बाबा के दरबार में दर्शन किए। 29 अप्रैल को पीएम मोदी लगभग 14 किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए मंदिर पहुंचेंगे, जहां विभिन्न स्थानों पर महिलाओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
इस दौरे की खास बात यह है कि प्रधानमंत्री कुल 163 परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें 5,277 करोड़ रुपये की 113 परियोजनाओं का शिलान्यास और 1,055 करोड़ रुपये की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है। प्रमुख परियोजनाओं में 2,464 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, सीवर और जलापूर्ति योजनाएं, कबीरचौरा अस्पताल का विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, इंटीग्रेटेड कमिश्नरी कॉम्पलेक्स और भगवानपुर एसटीपी जैसी योजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देंगी। सुरक्षा के लिहाज से भी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा के अनुसार, कार्यक्रम के लिए थ्री-टियर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें आउटर, इनर और आइसोलेशन कॉर्डन शामिल हैं। सीसीटीवी, बॉडी वॉर्न कैमरे और क्विक रिस्पॉन्स टीम की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कार्यक्रम स्थल को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है और रोड शो मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी का यह वाराणसी दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में मतदान जारी है। काशी के ‘मिनी कोलकाता’ कहे जाने वाले बंगाली टोला में भी राजनीतिक चर्चा तेज है, जहां लोग ‘डबल इंजन सरकार’ की संभावनाओं पर अपनी राय दे रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह वाराणसी का 54वां दौरा है और वे करीब 20 घंटे शहर में रहेंगे। 2014 में सांसद बनने के बाद से उनका यह लगातार जुड़ाव काशी के विकास को नई गति देने वाला माना जा रहा है। शहर में उनके आगमन को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है—घाटों पर महिलाओं द्वारा शंखनाद और प्रार्थनाएं इसका प्रमाण हैं। यह दौरा केवल विकास योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘नारी शक्ति’, आस्था और राजनीति के संगम के रूप में भी देखा जा रहा है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह दौरा काशी और देश की राजनीति में क्या नया संदेश देता है।