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संसद सत्र से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान: बोले-रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार है भारत, और जहां तथ्य-तर्क हैं वहां तूफान की जगह नहीं

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 20, 2026 06:07 AM
PM Modi's major statement ahead of the Parliament session: India is aboard the 'Reform Express', and there is no room for a storm where facts and logic prevail.

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और संसद के सामने सरकार का विजन रखा है। सोमवार को सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस सत्र को बेहद ऐतिहासिक बताया। विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने की बनाई गई रणनीतियों के बीच, पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने और सकारात्मक रवैया अपनाने की अपील की। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि लोकतांत्रिक चर्चाओं में जब तर्क और तथ्य सही होते हैं, तो कोई भी शांत रहकर भी अपनी बात मजबूती से कह सकता है, क्योंकि जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां राजनीतिक तूफान या हंगामे के लिए कोई जगह नहीं होती।

प्रधानमंत्री ने देश की मजबूत आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया अलग-अलग इलाकों में चल रहे युद्ध के लगातार खतरों को लेकर बेहद परेशान है। विशेष रूप से पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में जारी लड़ाई ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा किया, जो अपनी ऊर्जा (एनर्जी) जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हैं। इस वैश्विक तनाव के चलते पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, फर्टिलाइजर और केमिकल्स की सप्लाई चेन में कई बड़ी रुकावटें पैदा हुईं। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की शानदार इकोनॉमिक ग्रोथ रेट (विकास दर) बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। पीएम ने कहा कि यह मंदी के दौर में भारत की अंदरूनी ताकत और नई ऊंचाइयों को छूने के देश के जोश को दिखाता है। इसी पृष्ठभूमि में यह मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जहां देश की रफ़्तार को पार्लियामेंट की भावना से नई एनर्जी मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह देश के 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होने का ही नतीजा है कि भारत के युवा आज दुनिया के सामने इतनी हिम्मत दिखा पा रहे हैं। उन्होंने पिछले कुछ हफ़्तों में देश को मिली बड़ी उपलब्धियों की एक सीरीज (माइलस्टोन्स) को रेखांकित किया। हाल ही में राजस्थान में एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी और देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट राष्ट्र को समर्पित किया गया। भारत ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली इंजन वाली और सबसे लंबी 'ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन' की शुरुआत की है, जो तकनीक दुनिया के गिने-चुने देशों के पास ही उपलब्ध है। उन्होंने इसे देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और श्रमिकों के समर्पण का प्रमाण बताया। प्रधानमंत्री ने भारतीय युवाओं की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि देश के युवाओं ने अंतरिक्ष (स्पेस) के क्षेत्र में एक नया और ऐतिहासिक सफर शुरू किया है। हाल ही में 'स्काईरूट' नामक एक युवा भारतीय स्टार्टअप ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुझे बताया गया है कि 'स्काईरूट' स्टार्टअप में काम करने वाली पूरी टीम की औसत (एवरेज) उम्र सिर्फ 28 साल है। इन जैसे प्रतिभावान युवाओं ने यह अद्भुत कामयाबी हासिल की है। मैं यहां किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूं। दुनिया में बहुत कम देशों ने ऐसा प्राइवेट स्पेस एंटरप्राइज देखा है। पीएम ने याद दिलाया कि पिछले साल मानसून सत्र से ठीक पहले जहां एक भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचा था, वहीं इस बार देश के युवा स्टार्टअप्स ने कमाल किया है। उन्होंने अंत में कहा कि भारत की ग्लोबल प्रोफाइल को मिल रही यह वैश्विक पहचान कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह एक पावरफ़ुल संदेश है कि हमारे देश के युवाओं का सामर्थ्य और उनकी उम्मीदें अंतरिक्ष की तरह ही असीम और असीमित हैं। उन्होंने सभी अनुभवी सांसदों से अपने ज्ञान का लाभ देश को देने और सार्थक चर्चा करने का आह्वान किया।


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