बिहार में अपराध पर पुलिस का कड़ा प्रहार: हत्या में 10.1% और डकैती में 31% की भारी गिरावट,डीजीपी बोले-अब उग्रवाद-मुक्त हुआ पूरा राज्य
पटना। बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस और गृह विभाग ने बड़ी उपलब्धि का दावा किया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में हत्या और डकैती जैसी गंभीर आपराधिक घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। डीजीपी विनय कुमार के अनुसार, हत्या के मामलों में 10.1 प्रतिशत, जबकि डकैती की घटनाओं में 31.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियानों, अपराधियों पर कार्रवाई और पुलिसिंग को मजबूत करने के प्रयासों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।
बिहार पुलिस के लिए नक्सल विरोधी अभियान को भी बड़ी उपलब्धि बताया गया है। डीजीपी के अनुसार, लंबे समय तक उग्रवाद की चुनौती झेलने वाले बिहार में सुरक्षा बलों और पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद अब राज्य का कोई भी जिला उग्रवाद प्रभावित नहीं है। इसे कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस बल को मजबूत करने पर भी सरकार का जोर है। गृह विभाग के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ साल में 22 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है। वहीं, 26,574 पुलिस पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डीजीपी ने बताया कि अगले एक वर्ष में इन नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का लक्ष्य करीब डेढ़ साल की अवधि में 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती करना है। इससे थानों में पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस बल बढ़ाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। राज्य में करीब 600 नए थाना भवनों का निर्माण चल रहा है। नए भवनों से पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराने के साथ आम लोगों को भी पुलिस सेवाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने की योजना है। आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 के बुनियादी ढांचे के विस्तार की भी तैयारी है। इसके लिए करीब 172 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बताई गई है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में पुलिस सहायता को लोगों तक और तेजी से पहुंचाना है। बिहार पुलिस के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पुलिस बल को पहली बार प्रेसिडेंट कलर अवार्ड मिलने जा रहा है। इसे पुलिस संगठन के लिए महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के 18 पुलिसकर्मियों को वीरता और सेवा पदक से सम्मानित किए जाने की भी जानकारी दी गई है। सरकार का कहना है कि अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस बल के आधुनिकीकरण, नई भर्तियों, आधारभूत ढांचे के विस्तार और तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने पर लगातार काम किया जा रहा है। आंकड़ों में अपराध में कमी और नक्सल प्रभावित जिलों की स्थिति में सुधार को इसी व्यापक रणनीति का परिणाम बताया जा रहा है।