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सहरसा में 'रेड लाइट एरिया' बने कई घरों पर पुलिस का धावा: देह व्यापार के चंगुल से 4 नाबालिगों समेत 14 महिलाएं मुक्त, 4 युवक दबोचे

editor
  • Tapas Vishwas
  • July 07, 2026 03:07 PM
Police raid several houses operating as a 'red-light area' in Saharsa: 14 women, including 4 minors, rescued from the clutches of the sex trade; 4 young men apprehended.

सहरसा। बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। शहर के रिहायशी इलाके भारतीय नगर में लंबे समय से घरों की आड़ में चल रहे देह व्यापार के एक बड़े सिंडिकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे साइबर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने दलदल में धकेली गईं 4 नाबालिग लड़कियों और 10 महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू (मुक्त) किया है। मौके से 4 संदिग्ध युवकों को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ मुख्य आरोपी भागने में सफल रहे।

सहरसा के भारतीय नगर इलाके में पिछले काफी समय से देह व्यापार और अनैतिक गतिविधियों के संचालन की शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं। इन सूचनाओं के गोपनीय सत्यापन के बाद, साइबर डीएसपी कल्याण आनंद के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, साइबर थाना और सदर थाना की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। मंगलवार की सुबह जैसे ही पुलिस की विशेष टीम ने चिन्हित ठिकानों पर एक साथ धावा बोला, तो वहां हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब कमरों की सघन तलाशी ली, तो मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्रियां, कंडोम और कई तरह की संदिग्ध नशीली टैबलेट्स (दवाइयां) बरामद हुईं। जांच में यह बेहद गंभीर बात सामने आई है कि कुछ समय पहले भी पुलिस ने इसी इलाके में छापेमारी कर देह व्यापार में संलिप्त कई मकानों को सील किया था। लेकिन असामाजिक तत्वों और संचालकों ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए दोबारा उन्हीं बंद या आस-पास के मकानों में यह अवैध धंधा शुरू कर दिया। डीएसपी कल्याण आनंद ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि सील किए गए स्थानों या किसी भी मकान में दोबारा ऐसी गतिविधियां पाई गईं, तो संबंधित मकान मालिकों और संचालकों को सह-आरोपी बनाकर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्रॉपर्टी कुर्क करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस ने रेस्क्यू की गई सभी 10 महिलाओं और 4 नाबालिग लड़कियों को अपने संरक्षण में ले लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर या मजबूरी का फायदा उठाकर इस दलदल में धकेला गया था। नाबालिग लड़कियों को विशेष देखरेख और काउंसलिंग के लिए बाल संरक्षण गृह (शेल्टर होम) भेजा गया है। वहीं हिरासत में लिए गए 4 युवकों से पूछताछ कर इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं का पता लगाया जा रहा है। साइबर डीएसपी का आधिकारिक बयान देते हुए बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ लोग मौके से फरार हो गए हैं, जिनकी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हिरासत में लिए गए सभी लोगों का सत्यापन और पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सभी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। सहरसा को असामाजिक तत्वों से मुक्त करने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे भारतीय नगर और आस-पास के क्षेत्रों में हड़कंप का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा ताकि समाज को ऐसी कुरीतियों से मुक्त कराया जा सके।


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