उत्तराखंड की राजनीति में दशहरे पर सियासी तंज: गणेश गोदियाल का बड़ा हमला,बोले-रावण को जलाने के लिए खुद मैदान में उतरेंगे कई तरह के रावण
देहरादून। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पावन पर्व विजयदशमी (दशहरा) के मौके पर उत्तराखंड की राजनीति में बयानों के तीर खूब चल रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार पर करारा जुबानी हमला बोला है। गोदियाल के इस तीखे तंज के बाद राज्य का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है।
विजयादशमी के पर्व पर उत्तराखंड की सियासत में रावण दहन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के रावण की बढ़ती ऊंचाई और प्रदेश में उसी तेजी से बढ़ते भ्रष्टाचार संबंधी बयान का समर्थन करते हुए भाजपा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधा। गोदियाल ने तंज कसते हुए कहा कि आज रावण को जलाने के साथ कई तरह के रावण भी जलाए जाएंगे। उनके इस बयान को प्रदेश की राजनीति में भ्रष्टाचार और सत्ता पक्ष पर कांग्रेस के हमले के रूप में देखा जा रहा है। दशहरे के अवसर पर रावण दहन की परंपरा के बीच गणेश गोदियाल ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के उस वीडियो का हवाला दिया, जो सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रावण के पुतले की बढ़ती ऊंचाई की तुलना प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार से की थी। गोदियाल ने उनकी बात को सही बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार का मुद्दा गंभीर है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में भाजपा के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि रावण दहन के मौके पर कई तरह के रावण जलाने की बात सामने आएगी। गोदियाल ने आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में मौजूद बुराइयों की ओर संकेत करते हुए इन्हें प्रतीकात्मक रूप से रावण से जोड़ा। उन्होंने आर्थिक और राजनीतिक दबदबे के साथ सामाजिक बुराइयों पर भी कटाक्ष किया। उनके बयान का संदेश यह था कि दशहरे पर केवल रावण के पुतले का दहन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज और व्यवस्था में मौजूद बुराइयों को समाप्त करने की दिशा में भी प्रयास होने चाहिए। उत्तराखंड में दशहरे के अवसर पर आए इस बयान ने राजनीतिक बहस को नया विषय दे दिया है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कथित भ्रष्टाचार संबंधी बयान की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। गोदियाल के बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उनके आरोपों और राजनीतिक टिप्पणियों के संबंध में सरकार या भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने पर ही इस बहस का दूसरा पक्ष स्पष्ट हो सकेगा। दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। ऐसे में गोदियाल ने पर्व की इसी प्रतीकात्मकता को राजनीतिक बयानबाजी से जोड़ते हुए भ्रष्टाचार और अन्य बुराइयों के खिलाफ कार्रवाई का सवाल उठाया है। अब देखना होगा कि उनके इस तंज पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।