नीट पेपर लीक पर आज रांची में सियासी संग्राम: कांग्रेस करेगी भाजपा कार्यालय का घेराव, राजधानी हाई अलर्ट पर,वाटर कैनन और भारी पुलिस बल तैनात
रांची। नीट पेपर लीक और जेपीएससी भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जवाब में अब गुरुवार को कांग्रेस ने प्रदेश भाजपा कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के आमने-सामने आने की संभावना को देखते हुए राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की है।
कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश भाजपा कार्यालय और उसके आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों, रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन, अग्निशमन वाहन और अन्य आपात संसाधनों को भी मौके पर तैयार रखा गया है। प्रशासन ने भाजपा कार्यालय की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करने की योजना भी तैयार रखी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। कांग्रेस के कार्यक्रम के अनुसार, पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सबसे पहले हरमू मैदान में एकत्र होंगे। वहां से वे जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए प्रदेश भाजपा कार्यालय तक पहुंचेंगे और घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह नीट पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्रों-युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी। दूसरी ओर, भाजपा लगातार राज्य की कांग्रेस सरकार पर जेपीएससी और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप लगा रही है। बुधवार को भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सरकार को घेरा था। अब कांग्रेस के पलटवार से झारखंड की सियासत और गरमा गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों और रोजगार से जुड़े मुद्दे अब प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। दोनों दल इन मुद्दों के जरिए एक-दूसरे को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। ऐसे में रांची राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है। रांची जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने या हिंसा फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि उपद्रव या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नीट पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच अब सभी की निगाहें कांग्रेस के प्रदर्शन और प्रशासन की तैयारियों पर टिकी हैं। राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं ताकि विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।