राजनीतिक हलचल : कांग्रेस का बड़ा दांव किस पर? उत्तराखंड में क्या फिर सत्ता पर काबिज होगी कांग्रेस?
उत्तराखंड में चुनावी मॉनसून की शुरुआत लगभग हो चुकी है। आगामी 2022 के चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर भी कस ली है। नैनीताल जिले में भी बीजेपी कांग्रेस आमने सामने एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते हुए दिखाई दे रहे है। हल्द्वानी में कांग्रेस के विजय शंखनाद का ज़ोरदार आगाज़ हुआ जिसमें नैनीताल के अलावा बागेश्वर, चंपावत, अल्मोड़ा सहित तमाम जिलों के लोगो ने आकर कांग्रेस की इस रैली में शक्ति प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य केंद्र बिंदु हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए नेता यशपाल आर्य और उनके पुत्र संजीव आर्य थे जिनका मंच पर भव्य रूप से स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि बीजेपी को सत्ता से बेदखल किया जाए।
आपको बता दें उत्तराखंड में कभी कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे यशपाल आर्य ने अभी हाल ही में अपने विधायक बेटे के साथ कांग्रेस में वापसी की है,कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल भी यहां थे। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड के लोग बड़ी उम्मीद से कांग्रेस की तरफ देख रहे हैं और आज की रैली ने यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस 2022 में सरकार बनाने जा रही है।
कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली क्या बीजेपी पर भारी पड़ेगी ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन जिस तरह रैली में लोगो का हुजूम उमड़ पड़ा उसे देखते हुए लगता है कि कांग्रेस का अब भी दबदबा बना हुआ है, क्योंकि अभी से कांग्रेस अगले साल होने वाले चुनावों में अपना पूरा जोर दिखाने पर है। अभी गांव और घर-घर जाकर अपनी पहले रही सरकार के विकास कार्य को इसके कार्यकर्ता बताना चाहते हैं। इसके नेताओं की पदयात्रा भी चल रही है, वो गांवों में रात्रि में ठहरकर चौपाल लगा रहे हैं। इस अभियान में कांग्रेस के छोटे मझोले स्तर के नेता तो शामिल हो ही रहे हैं, पर अब इस बड़ी जनसभा से कांग्रेस ने चुनावी मैदान में अपनी ग्रैंड एंट्री भी कर ली है।
उधर रैली कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और सरकार के तमाम असफल कार्यो पर घेरा। उन्होंने इतना तक कह डाला कि अगर बीजेपी के सरकार ने यहां 3200 लोगो को नौकरी दी हो तो वो राजनीति छोड़ देंगे।
विजय शंखनाद रैली से ये कयास भी लगाए जा रहे है कि कांग्रेस इस बार यशपाल आर्य का चेहरा भुनाने की कोशिश कर रही है।
यशपाल आर्य और संजीव आर्य को लेकर कांग्रेस कोई बड़ा दांव खेलने जा सकती है।