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वोट चोरी के आरोपों पर नैनीताल में गरमाई राजनीति: कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने फूंका मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला,कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

editor
  • Tapas Vishwas
  • September 28, 2026 11:09 AM
Politics heats up in Nainital over allegations of vote theft: Congress workers burn effigy of Chief Election Commissioner, stage protest at the Collectorate.

नैनीताल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर उत्तराखंड के नैनीताल में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं और "वोट चोरी" के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने नैनीताल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इसके बाद कड़ा विरोध जताते हुए कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक आक्रोश जुलूस निकाला और जिलाधिकारी के माध्यम से भारत सरकार को ज्ञापन सौंपा।

भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच नैनीताल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा के समीप मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इसके बाद जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया गया और जिलाधिकारी के माध्यम से भारत सरकार को ज्ञापन भेजा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2023 के बाद गठित सभी सरकारों को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि निर्वाचन आयोग के भीतर एसआईआर को लेकर उठे सवालों ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस खड़ी कर दी है। उनका आरोप है कि दो निर्वाचन आयुक्तों की ओर से एसआईआर से संबंधित फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन रिपोर्टों के जवाब में कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार विमर्श का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन पिछले एक वर्ष में लिए गए फैसले पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय थे।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि एसआईआर से जुड़े आदेशों और फैसलों को लेकर ही स्थिति स्पष्ट नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि कथित अनियमितताओं के कारण लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी। साथ ही कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मामले को न्यायालय तक ले जाया जाएगा। गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद की खबरों के बाद राजनीतिक विवाद तेज हुआ है। रिपोर्टों में निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से विभिन्न मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद आयोग ने स्पष्ट किया कि इन आपत्तियों को निर्णयों से असहमति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और अंतिम निर्णय पूर्ण आयोग की सहमति से लिए गए। इस बीच 26 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक भी हुई, जिसमें एसआईआर समेत विभिन्न मुद्दों पर आयोग की स्थिति स्पष्ट की गई। नैनीताल में कांग्रेस के प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब कांग्रेस की ओर से उठाई गई मांगों और आरोपों पर सरकार तथा निर्वाचन आयोग की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।


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