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UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR पर गरमाई सियासत! राहुल गांधी बोले- मोदी जी हिम्मत दिखाइए और UPI टैक्स वापस लीजिए

editor
  • Awaaz Desk
  • September 16, 2026 10:09 AM
Politics heats up over 0.4% MDR on UPI merchant payments! Rahul Gandhi says: "Modi-ji, show some courage and withdraw the UPI tax."

नई दिल्ली। दो हजार से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) लागू किए जाने के फैसले को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस फैसले का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिकी हितों के सामने झुकते हुए UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से घोषित नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इसके तहत ₹2,000 से अधिक के व्यक्ति-से-मर्चेंट (P2M) UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर यह शुल्क अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा। हालांकि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI लेन-देन पर किसी भी राशि के लिए यह शुल्क लागू नहीं होगा। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR ग्राहक से वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है। निर्धारित व्यवस्था के तहत शुल्क मर्चेंट भुगतान प्रणाली के भीतर लगाया जाएगा और ग्राहकों से UPI भुगतान करने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार के अनुसार ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और पात्र छोटे कारोबारियों के लेन-देन भी MDR से बाहर रहेंगे।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि लगभग 96 प्रतिशत P2M लेन-देन इस व्यवस्था से प्रभावित नहीं होंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि बैंक यह सुनिश्चित करें कि मर्चेंट पर लगने वाले MDR का बोझ ग्राहकों पर न डाला जाए। वहीं नई व्यवस्था का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम के संचालन, साइबर सुरक्षा, तकनीकी ढांचे और भविष्य के विस्तार के लिए वित्तीय आधार उपलब्ध कराना बताया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR को सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला टैक्स नहीं माना जाना चाहिए। राहुल गांधी ने इस फैसले को ‘UPI टैक्स’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोलकर अमेरिका को फायदा पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार का दावा है कि शुल्क ग्राहक नहीं, बल्कि दुकानदार देगा, लेकिन उनका सवाल है कि दुकानदार पर पड़ने वाली अतिरिक्त लागत का असर आखिरकार कीमतों पर नहीं पड़ेगा, इसकी गारंटी कैसे होगी। राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी से एक बार पूछा गया था कि वह बाएं झुकती हैं या दाएं, तो उन्होंने कहा था कि वह तनकर खड़ी रहती हैं। राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से UPI पर लागू किए जा रहे MDR को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को अमेरिकी दबाव के सामने झुकने के बजाय इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। कांग्रेस नेता के इन आरोपों को कांग्रेस की ओर से सरकार की आर्थिक नीतियों और अमेरिका के साथ उसके संबंधों को लेकर चलाए जा रहे राजनीतिक हमले के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस का मुख्य सवाल यह है कि यदि मर्चेंट से शुल्क लिया जाएगा तो छोटे-बड़े कारोबारियों की लागत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। राहुल गांधी ने तर्क दिया कि सरकार भले ही ग्राहक से सीधे कोई शुल्क नहीं लेने की बात कह रही हो, लेकिन कारोबारी की लागत बढ़ने की स्थिति में कीमतों पर उसका असर पड़ सकता है। हालांकि मौजूदा सरकारी दिशा-निर्देशों में मर्चेंट द्वारा MDR को ग्राहक से अलग से वसूलने पर रोक की बात कही गई है। इसलिए इस व्यवस्था के वास्तविक बाजार प्रभाव का आकलन इसके लागू होने के बाद ही किया जा सकेगा।

किस पर नहीं लगेगा MDR?
नई व्यवस्था में कई तरह के UPI लेन-देन को शुल्क से बाहर रखा गया है। व्यक्ति से व्यक्ति को किए जाने वाले सभी UPI भुगतान पहले की तरह नि:शुल्क रहेंगे। ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा QR के जरिए UPI से महीने में ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले पात्र छोटे मर्चेंट भी इस शुल्क से बाहर रहेंगे। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे कुछ आवश्यक एवं कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के बजाय ₹5 का फ्लैट MDR तय किया गया है। वहीं पूंजी बाजार से जुड़े कुछ भुगतानों पर 0.02 प्रतिशत MDR और अधिकतम ₹300 की सीमा निर्धारित की गई है।


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