आदि कैलास यात्रा की तैयारी तेज: परमिट काउंटर खुला, 1 मई से शुरू होगा पवित्र सफर
उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र में स्थित पवित्र आदि कैलास और ओम पर्वत के दर्शन के लिए बहुप्रतीक्षित यात्रा 1 मई से शुरू होने जा रही है। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए धारचूला तहसील कार्यालय में इनर लाइन परमिट जारी करने हेतु विशेष काउंटर खोल दिया गया है, जहां एक कर्मचारी की तैनाती भी कर दी गई है।
हालांकि काउंटर खुलने के पहले दिन शाम पांच बजे तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ, लेकिन प्रशासन का मानना है कि श्रद्धालु जरूरी दस्तावेजों और औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटे हुए हैं। उम्मीद है कि बुधवार से परमिट के लिए आवेदन प्रक्रिया तेज हो जाएगी। यात्रा के लिए परमिट अनिवार्य है और बिना इसके आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन के अनुसार, 1 मई से श्रद्धालु धारचूला से आगे यात्रा के लिए प्रस्थान कर सकेंगे। इस दौरान सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गुंजी पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यात्रा मार्ग पर स्थित बूंदी, गर्ब्यांग, नलपल्यू, गुंजी, नाबी, रौंगकोंग और कुटी गांवों में तैयारियां जोरों पर हैं। स्थानीय लोग और होमस्टे व होटल संचालक यात्रियों के स्वागत के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त कर रहे हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इनर लाइन परमिट प्राप्त करने के लिए यात्रियों को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें शपथ पत्र, सरकारी चिकित्सालय से जारी मेडिकल सर्टिफिकेट, निवास क्षेत्र के थाने से चरित्र प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो, निजी मोबाइल नंबर और परिजनों का संपर्क नंबर शामिल हैं। आदि कैलास और ओम पर्वत की यह यात्रा आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ रोमांच का भी अद्भुत संगम है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि इस बार यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।