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प्रधानमंत्री का महा-दौरा संपन्न: 5 देशों की सफल यात्रा के बाद स्वदेश लौटे पीएम मोदी,बोले- इटली के साथ रणनीतिक साझेदारी से पूरी मानवता को होगा फायदा

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 21, 2026 05:05 AM
Prime Minister's Grand Tour Concludes: PM Modi Returns Home After Successful Visit to Five Nations; States—Strategic Partnership with Italy Will Benefit All of Humanity.

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की अपनी अत्यंत महत्वपूर्ण पांच देशों की यात्रा पूरी करने के बाद गुरुवार को भारत लौट आए हैं। इस मैराथन विदेशी दौरे का आखिरी और सबसे प्रमुख पड़ाव इटली था, जहाँ पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बेहद सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आए हैं। इस दौरे का मुख्य फोकस भारत की रणनीतिक साझेदारी को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना, आर्थिक सहयोग बढ़ाना और यूरोपीय देशों के साथ व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ विभिन्न वैश्विक और आर्थिक मुद्दों पर आमने-सामने की विस्तृत बातचीत के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर इस यात्रा की सफलता को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा:

"भारत और इटली के बीच की यह विशेष रणनीतिक साझेदारी न सिर्फ हमारे दोनों देशों को, बल्कि पूरी इंसानियत को फायदा पहुंचाएगी। इटली की मेरी इस यात्रा के नतीजे भारत में बड़े निवेश के लिए बेहतर जुड़ाव, शानदार व्यापारिक मौके, और दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक रिश्तों को पक्का करेंगे। प्रधानमंत्री के रवाना होने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दौरे को मील का पत्थर बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस सफल दौरे से भारत-इटली 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' को एक 'नई गति' मिली है, जिससे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझा सहयोग और गहरा होगा। राजनयिक सूत्रों और अधिकारियों के अनुसार, पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई बातचीत मुख्य रूप से भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने, उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग), रक्षा उत्पादन में सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन (क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन) पहल को गति देने पर केंद्रित थी। इसके अलावा दोनों देश अब सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष तकनीक (स्पेस टेक्नोलॉजी), खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग), ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री सुरक्षा जैसे भविष्य के रणनीतिक क्षेत्रों में भी मजबूत सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। चर्चा के दौरान केवल द्विपक्षीय मुद्दे ही नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति भी छाई रही। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र के घटनाक्रम, रूस-यूक्रेन विवाद और दुनिया के सामने खड़ी ऊर्जा व सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और इटली के संबंध रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़े हैं। विशेष रूप से साल 2023 में जब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी G20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आई थीं, तब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर अपग्रेड किया गया था। तब से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय राजनीतिक बातचीत और संस्थागत सहयोग का तंत्र बेहद मजबूत हुआ है। मोदी और मेलोनी ने वैश्विक मंच पर भी एक स्पष्ट और मजबूत राजनीतिक तालमेल दिखाया है। यूरोप में इटली, भारत के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदारों में से एक है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ा है। आज कई बड़ी इटैलियन कंपनियों ने भारत के इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा और फैशन जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी को काफी मजबूत कर लिया है। पीएम मोदी के इस दौरे के बाद आने वाले दिनों में भारत में इटैलियन निवेश का एक नया दौर देखने को मिल सकता है।
 


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