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आयकर विभाग की एआरसी पर छापेमारी! 60 परिसरों में चलाया तलाशी अभियान, जब्त किए 4 करोड़ रुपये

editor
  • Manoj Kumar
  • December 16, 2021 05:12 AM
Raid on ARC of Income Tax Department! Search operation carried out in 60 premises, seized Rs 4 crore

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने चार परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (एआरसी) पर पिछले दिनों छापेमारी कर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। इस दौरान मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली आदि शहरों में कुल 60 परिसरों को इस अभियान में शामिल किया गया है। इस कार्रवाई से पता चला है कि एआरसी ने ऋणदाता बैंकों से गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को प्राप्त करने के लिए विभिन्न अनुचित और धोखाधड़ी के व्यापार तरीकों को अपनाया था। यह पाया गया है कि उधारकर्ता समूहों और एआरसी के बीच एक अनुचित गठजोड़ मौजूद था और इस प्रक्रिया में, शेल / फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था। जिस राशि पर एआरसी द्वारा एनपीए का अधिग्रहण किया गया है, वह उक्त परिसंपत्ति/एनपीए को कवर करने वाली संपार्श्विक प्रतिभूतियों के वास्तविक मूल्य से बहुत कम पाया गया है।
छानबीन से पता चला है कि एआरसी द्वारा ऋणदाता बैंक (बैंकों) को संकटाग्रस्त संपत्ति / एनपीए प्राप्त करने के लिए किए गए न्यूनतम नकद भुगतान आमतौर पर उधारकर्ता समूह के धन का उपयोग कर रहे हैं। इस तरह के फंड को उधारकर्ता समूह द्वारा नियंत्रित नकली कंपनियों के कई स्तरों या हवाला चैनलों के माध्यम से भेजा गया है। जांच के दौरान यह भी पाया गया है कि एआरसी अपने द्वारा बैंकों से अर्जित की गई संपत्तियों के निपटान में गैर-पारदर्शी तरीकों का पालन कर रहे हैं। अधिकतर, अंतर्निहित आस्तियों को उसी उधारकर्ता समूह द्वारा उनके वास्तविक मूल्यों के एक अंश पर पुनः अधिग्रहित कर लिया गया था। यह पाया गया है कि एआरसी ने कंसल्टेंसी प्राप्तियों या असुरक्षित ऋणों/निवेशों की आड़ में, वास्तविक लाभ को अपनी संबंधित कंपनियोंग में बदलकर संबन्धित परिसंपत्तियों के निपटान पर लाभ छुपाया है। इस पद्धति के माध्यम से, एआरसी ने न केवल देय करों के भुगतान से परहेज किया है बल्कि ऋणदाता बैंक (बैंकों) को उनके वास्तविक लाभ के हिस्से से वंचित कर दिया है। छानबीन से पता चला है कि एआरसी द्वारा ऋणदाता बैंक (बैंकों) को संकटग्रस्त संपत्ति / एनपीए प्राप्त करने के लिए किए गए न्यूनतम नकद भुगतान आमतौर पर उधारकर्ता समूह के धन का उपयोग कर रहे हैं। इस तरह के फंड को उधारकर्ता समूह द्वारा नियंत्रित नकली कंपनियों की कई परतों या हवाला चैनलों के माध्यम से भेजा गया है। तलाशी अभियान के दौरान 4 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं। आयकर और संबद्ध अधिनियमों के तहत उल्लंघनों का पता लगाने के लिए बड़ी मात्रा में जब्त किए गए दस्तावेजी और डिजिटल सबूतों का और विश्लेषण किया जा रहा है।

 


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