• Home
  • News
  • Railways' Major Leap: Trains Capable of 220 km/h—Faster Even Than Vande Bharat—to Hit the Tracks Soon; Travel Set to Become Even Faster and More Comfortable.

रेलवे की बड़ी छलांग: वंदे भारत से भी तेज 220 किमी/घंटा रफ्तार वाली ट्रेनें जल्द पटरी पर, सफर होगा और तेज व आरामदायक

editor
  • Tapas Vishwas
  • April 12, 2026 12:04 PM
Railways' Major Leap: Trains Capable of 220 km/h—Faster Even Than Vande Bharat—to Hit the Tracks Soon; Travel Set to Become Even Faster and More Comfortable.

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे अब तेज और आधुनिक यात्रा की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत ट्रेनों की सफलता के बाद अब उससे भी अधिक रफ्तार वाली हाई-स्पीड ट्रेनों की योजना को मंजूरी दे दी है। नई ट्रेनें 220 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ तैयार की जाएंगी, जो मौजूदा वंदे भारत एक्सप्रेस से भी तेज होंगी।

रेलवे बोर्ड ने 23 मार्च 2026 को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री को इस संबंध में पत्र भेजकर 2027-28 के कोच प्रोडक्शन प्रोग्राम में दो नए ट्रेन सेट शामिल करने की अनुमति दी है। प्रत्येक ट्रेन सेट में 16 कोच होंगे, जो ब्रॉड गेज ट्रैक पर संचालित होंगे। इन नई ट्रेनों की सबसे खास बात इनकी आधुनिक स्टील बॉडी और उन्नत तकनीक होगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और स्मूथ सफर का अनुभव मिलेगा। हालांकि इनकी डिजाइन स्पीड 220 किमी प्रति घंटा तय की गई है, लेकिन इनकी अधिकतम ऑपरेटिंग स्पीड 200 किमी प्रति घंटा होगी। इससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और लंबी दूरी के सफर में बड़ी राहत मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव अक्टूबर 2024 में रखी गई थी, जब ICF ने दो हाई-स्पीड ट्रेन सेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का कॉन्ट्रैक्ट बीईएमएल को सौंपा था। इस परियोजना की कुल लागत 866.87 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसमें डिजाइन, डेवलपमेंट और टेस्टिंग से जुड़े सभी खर्च शामिल हैं। वर्तमान में देशभर में वंदे भारत ट्रेनों की 81 जोड़ी सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिन्होंने यात्रियों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है। अब नई 220 किमी/घंटा रफ्तार वाली ट्रेनें भारतीय रेलवे को सेमी हाई-स्पीड रेल के अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन ट्रेनों के संचालन से न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि रेलवे नेटवर्क तकनीकी रूप से और मजबूत होगा। यह पहल देश में आधुनिक, तेज और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। आने वाले वर्षों में इन हाई-स्पीड ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, कम समय में यात्रा और विश्वस्तरीय अनुभव मिलने की उम्मीद है।
 


संबंधित आलेख: