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बारिश ने रोकी रफ्तारः पहाड़ों में भूस्खलन और सड़कें बंद! शहरों में जलभराव से लाखों लोग परेशान, कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

editor
  • Awaaz Desk
  • July 08, 2026 08:07 AM
Rain brings movement to a halt: Landslides and road closures in the mountains! Waterlogging in cities causes distress to lakhs of people; 'Red Alert' for heavy rain issued across several states.

नई दिल्ली। देशभर में सक्रिय मानसून ने कई राज्यों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जबकि दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम जैसे मैदानी शहर जलभराव और ट्रैफिक जाम से जूझ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचाई है तो मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बहुमंजिला इमारत ढहने से हड़कंप मच गया। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एक पहाड़ का बड़ा हिस्सा भरभराकर सड़क पर आ गिरा। भारी मात्रा में मलबा सड़क पर फैल जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई घंटों तक वाहन फंसे रहे और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क को साफ करने का अभियान शुरू किया। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में चोलिंग और करछम के बीच नेशनल हाईवे-5 पर भारी भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई। पहाड़ से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। यात्रियों को घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लगातार बारिश और बादल फटने की घटनाओं के बाद कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। बाजारों, घरों और अन्य संपत्तियों में मलबा भर गया। स्थानीय लोग और प्रशासन मिलकर सड़कों से मलबा हटाने में जुटे रहे। कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। हरियाणा के गुरुग्राम में लगातार बारिश के चलते सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। इससे यातायात बाधित हो गया और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित हिस्से को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया। लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और सतर्क रहने की अपील की गई है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में लगातार हो रही बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया। पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। जगह-जगह लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश के बाद बारापुला फ्लाईओवर सहित कई प्रमुख मार्गों पर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं। जलभराव और धीमी रफ्तार के कारण लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे। कई इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था की कमजोरियां भी एक बार फिर सामने आईं। महाराष्ट्र के पुणे जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन निचले इलाकों पर विशेष नजर बनाए हुए है और राहत एवं सफाई कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। नागरिकों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। गुजरात के सूरत में लगातार बारिश के बावजूद जनजीवन पूरी तरह नहीं थमा। एक फल विक्रेता बारिश के बीच अपने ठेले के साथ सड़क पर निकल पड़ा। यह दृश्य उन लाखों मेहनतकश लोगों की मजबूरी को दर्शाता है जो प्रतिकूल मौसम में भी अपने परिवार की आजीविका के लिए संघर्ष करते रहते हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और एनडीआरएफ सहित राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया गया। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और इमारत गिरने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

उत्तराखंड में भी बारिश का असर बढ़ा
उत्तराखंड में मंगलवार को रुक-रुककर हुई बारिश ने मैदानी क्षेत्रों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम ठंडा हो गया। राजधानी देहरादून में सुबह लगभग साढ़े दस बजे शुरू हुई बारिश शाम तक रुक-रुककर जारी रही। बारिश के बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के अधिकांश पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सीमांत जिला पिथौरागढ़ में लगातार बारिश के कारण दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद बेरीनाग और गंगोलीहाट क्षेत्र के स्कूलों में एहतियात के तौर पर अवकाश घोषित किया गया। हालांकि सूचना देर से पहुंचने के कारण कई छात्र स्कूल पहुंच चुके थे। पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी 15 सड़कें मलबा आने के कारण बंद हो गईं। इनमें 12 ग्रामीण क्षेत्रों और दो सीमा क्षेत्रों की सड़कें शामिल हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार धारचूला-तवाघाट तथा तवाघाट-गुंजी सड़कें भी मलबा और बोल्डर गिरने से प्रभावित हुई थीं, जिन्हें बाद में यातायात के लिए खोला गया। लोक निर्माण विभाग के अनुसार डीडीहाट क्षेत्र की समकोट-डोकुला और मदकोट-बोना सड़कें भी मलबे के कारण बंद रहीं, जबकि अस्कोट क्षेत्र की तवाघाट-थानीधार सड़क लगातार नौ दिनों से बाधित है। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं और बाजार तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


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