बारिश बनी आफत! झारखंड में आसमानी बिजली का कहर, खेत में काम कर रहे दंपती समेत चार की दर्दनाक मौत
रांची। झारखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। गुरुवार को हजारीबाग और चतरा जिले में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं सहित चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इन हादसों ने प्रभावित परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
सबसे दर्दनाक घटना हजारीबाग जिले के कटकमसांडी थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव में हुई, जहां धान के खेत में काम कर रहे पति-पत्नी पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में 51 वर्षीय बसुदेव महतो और उनकी 48 वर्षीय पत्नी दुलिया देवी की मौके पर ही मौत हो गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों दम तोड़ चुके थे। इस घटना से गांव में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इसी दिन हजारीबाग के बरकठा थाना क्षेत्र के चौथा गांव में भी वज्रपात ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। यहां 50 वर्षीय बसवा देवी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उधर, चतरा जिले के पिपरवार थाना क्षेत्र में भी बिजली गिरने से 25 वर्षीय पवन कुमार महतो की जान चली गई। बताया गया कि वह कल्याणपुर बाजार से अपने गांव हफुआ लौट रहे थे। रास्ते में अचानक मौसम बिगड़ा और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, ऊंचे स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर शरण लें और बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पुलिस ने सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि प्रशासन प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा है। लगातार हो रहे वज्रपात के बीच मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।