ट्रेन में हुड़दंगियों का तांडव: गया-हावड़ा एक्सप्रेस में झारखंड की महिला दारोगा, उनके सब-इंस्पेक्टर पति और बच्चे को पीटा
भारतीय रेल में आरक्षित टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। गया-हावड़ा एक्सप्रेस में सीट पर अवैध कब्जे का विरोध करने पर दबंगों द्वारा झारखंड पुलिस की एक महिला सब-इंस्पेक्टर (दारोगा), उनके सब-इंस्पेक्टर पति और उनके मासूम बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित महिला दारोगा विरोध स्वरूप काशीचक स्टेशन पर ट्रेन के इंजन के आगे खड़ी हो गईं, जिसके कारण गया-हावड़ा एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। रेलवे पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों के ठोस कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जा सका।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता पूजा कुमारी झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। उन्हें 6 जुलाई को वापस अपनी ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। इसी सिलसिले में वह अपने पति हरिओम कुमार और अपने छोटे बच्चे के साथ गया-हावड़ा एक्सप्रेस से बरहरवा लौट रही थीं। उनके पति हरिओम कुमार भी झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इस पुलिस दंपती के पास ट्रेन में यात्रा के लिए बाकायदा कन्फर्म आरक्षित (रिजर्व्ड) टिकट था और वे अपनी तय सीट पर बैठे हुए थे। बताया जा रहा है कि ट्रेन जब नवादा स्टेशन के पास पहुंची, तो कुछ स्थानीय युवक जबरन उनकी आरक्षित सीट पर आकर बैठ गए। जब पूजा कुमारी और उनके पति ने शालीनता से सीट खाली करने का अनुरोध किया और अपना टिकट दिखाया, तो युवक उलझ गए और गाली-गलौज करने लगे। विवाद बढ़ता देख दबंग युवकों ने फोन कर काशीचक स्टेशन के पास अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद आरोपियों ने पूरी दबंगई दिखाते हुए इस पुलिस परिवार पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने न सिर्फ दारोगा दंपती को बेरहमी से पीटा, बल्कि उनके छोटे बच्चे के साथ भी मारपीट की, जिससे पूरी बोगी में अफरा-तफरी मच गई। महिला दारोगा पूजा कुमारी ने रेलवे सुरक्षा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने आरपीएफ (RPF) और जीआरपी को सूचना दी थी। लेकिन शुरुआत में ऑन-ड्यूटी रेल पुलिसकर्मियों ने मामले को बेहद हल्के में लिया और कार्रवाई में टालमटोल करते रहे। जब दंपती ने अपना परिचय झारखंड पुलिस के सब-इंस्पेक्टर के रूप में दिया, तब जाकर रेल पुलिस के अधिकारी हरकत में आए। पुलिस की इस सुस्ती और दबंगों की हरकत से नाराज होकर पूजा कुमारी काशीचक स्टेशन पर ट्रेन के इंजन के ठीक आगे खड़ी हो गईं। उनके इस कड़े विरोध के चलते रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और यात्रियों को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। पूजा कुमारी ने स्थानीय लोगों से मिली गुप्त जानकारी के आधार पर अपनी शिकायत में काशीचक क्षेत्र के रहने वाले विमलेश कुमार नामक युवक को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया है। आरोप है कि विमलेश ने ही अपने गुर्गों को बुलाकर इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद महिला दारोगा की लिखित शिकायत पर संबंधित जीआरपी थाने में आईपीसी की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। रेलवे पुलिस ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों के बयान दर्ज करने के साथ ही स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। रेल अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।