रांची आरएसएस कार्यालय हमला: जांच में उतरी एनआईए और बम निरोधक दस्ता, नए सीसीटीवी फुटेज में छत पर दिखा जोरदार धमाका
रांची।झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के बाद अब जांच एजेंसियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस बेहद संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए जहां एक तरफ रांची पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है, वहीं दूसरी तरफ देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए और बम निरोधक दस्ते की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। इस बीच पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है; हमले में इस्तेमाल की गई संदिग्ध चार पहिया गाड़ी को बरामद कर लिया गया है और उसके मालिक की सरगर्मी से तलाश जारी है।
इस पूरे मामले में अब तक का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब आरएसएस कार्यालय का एक और नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया। इससे पहले मिले फुटेज को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा था कि पेट्रोल बम कार्यालय की बाउंड्री के बाहर या भीतर जमीन पर गिरे थे, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन, कार्यालय की छत पर लगे नए सीसीटीवी कैमरे के फुटेज ने इस थ्योरी को पूरी तरह पलट दिया है। नए वीडियो में साफ दिख रहा है कि हमलावरों द्वारा पूरी ताकत से फेंका गया एक पेट्रोल बम सीधे बिल्डिंग की छत पर जाकर गिरा, जिसके बाद वहां एक जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें उठीं। इस फुटेज से साफ हो गया है कि हमलावर बेहद खतरनाक मंसूबों और पूरी तैयारी के साथ आए थे। घटना के बाद पुलिस महकमे में मचे हड़कंप के बीच सबसे पहले 'झारखंड जगुआर' की बम निरोधक दस्ता टीम ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक जांच शुरू की। गहन पड़ताल के बाद बीडीएस टीम के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि बम बनाने के लिए जिस ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था, वह पेट्रोल था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौके से किसी भी तरह का बारूदी विस्फोटक नहीं मिला है, बल्कि यह पूरी साजिश आरएसएस कार्यालय की मुख्य बिल्डिंग में भीषण आगजनी करने और उसे नुकसान पहुंचाने के मकसद से रची गई थी। बीडीएस टीम के साक्ष्य जुटाकर लौटने के तुरंत बाद इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एंट्री हुई। एनआईए के वरिष्ठ अधिकारियों और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने आरएसएस कार्यालय के चप्पे-चप्पे को खंगाला और कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य अपनी कस्टडी में लिए। हालांकि, सुरक्षा कारणों और शुरुआती जांच का हवाला देते हुए एनआईए की टीम ने अभी तक अपने निष्कर्षों और जानकारियों को मीडिया के साथ साझा नहीं किया है। रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन ने बताया कि इस दुस्साहसिक वारदात के त्वरित खुलासे और दोनों फरार हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष एसआईटी का गठन किया गया है, जो तकनीकी इनपुट्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छापेमारी कर रही है। बरामद की गई कार के जरिए पुलिस अब हमलावरों के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।