रांची का बदलेगा भूगोल: कांके रोड से बहु बाजार तक बनेगा 'मॉडल कॉरिडोर', अतिक्रमण के खिलाफ चलेगा मेगा अभियान
रांची। झारखंड की राजधानी रांची को भीषण जाम, बेतरतीब अतिक्रमण और अव्यवस्थित ट्रैफिक से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने के लिए रांची नगर निगम ने एक बेहद महत्वाकांक्षी और बड़े स्तर की योजना पर काम शुरू कर दिया है। शहर के प्रमुख मार्गों को अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप 'मॉडल कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया जाएगा। शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने खुद निगम और विभिन्न सहयोगी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम के साथ कांके रोड स्थित राम मंदिर से लेकर रातू रोड चौक, हरमू बाइपास, कैलाशपति मिश्र चौक, सिरमटोली, इंदिरा गांधी चौक और चुटिया होते हुए बहु बाजार तक का मैराथन निरीक्षण किया। इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए पूरे मार्ग की रूपरेखा को चरणबद्ध तरीके से बदलकर इसे पूरी तरह हाईटेक और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा।
सड़क पर उतरे नगर आयुक्त और अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे फैले अतिक्रमण, फुटपाथों की बदहाली, ट्रैफिक के बॉटलनैक (जाम वाले पॉइंट), पार्किंग की कमी, साफ-सफाई, रोड मीडियन (विभाजक), सार्वजनिक सुविधाओं, अवैध होर्डिंग्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की स्थिति का बिंदुवार और बारीकी से असेसमेंट किया। नगर आयुक्त ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को दोटूक निर्देश दिए कि वे एक समयबद्ध (टाइमबाउंड) कार्ययोजना तैयार कर तत्काल धरातल पर समस्याओं का समाधान शुरू करें। इस मॉडल कॉरिडोर योजना के तहत पैदल चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। जिन स्थानों पर फुटपाथ (पेडेस्ट्रियन पाथवे) नहीं हैं, वहां नए और आधुनिक फुटपाथ बनाए जाएंगे। वहीं, जिन फुटपाथों पर दुकानदारों या रसूखदारों ने कब्जा कर रखा है, उन्हें मेगा अभियान चलाकर पूरी तरह खाली कराया जाएगा। इसके साथ ही, कॉरिडोर के दायरे में आने वाली सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस की सघन जांच की जाएगी। जिन लोगों के पास वैध लाइसेंस नहीं होगा या जो लोग नियमों को ताक पर रखकर आवासीय भवनों (रेसिडेंशियल बिल्डिंग) में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शहर के सौंदर्यीकरण को एक नया आयाम देने के लिए रोड मीडियन पर आकर्षक बागवानी की जाएगी। सड़कों के किनारे की खाली और बदरंग दीवारों पर खूबसूरत पेंटिंग्स बनाई जाएंगी, जो झारखंड की संस्कृति को दर्शाएंगी। इसके अलावा झाड़ियों की नियमित कटाई होगी और प्रमुख चौराहों पर 'ग्रीन पैच' विकसित किए जाएंगे। योजना के तहत एक बड़ा आकर्षण कैलाशपति मिश्र चौक के समीप एक शानदार सार्वजनिक पार्क का निर्माण होगा, जिसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वहीं, सिरमटोली से बहु बाजार तक रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले हजारों यात्रियों की सुविधा को देखते हुए दोनों ओर पेवर ब्लॉक युक्त पाथवे, व्यवस्थित वेंडिंग जोन और एक विशेष मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण किया जाएगा। इस पूरे कॉरिडोर की 24 घंटे प्रभावी मॉनिटरिंग और संचालन के लिए एक 'विशेष टास्क फोर्स' का गठन भी किया जाएगा। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने इस महाअभियान के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा, "रांची नगर निगम इस पूरे कॉरिडोर को जाम मुक्त, अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित मॉडल कॉरिडोर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से यह मेगा अभियान जल्द ही जमीन पर दिखाई देगा। हमारा उद्देश्य केवल ऊपरी सौंदर्यीकरण करना नहीं है, बल्कि रांची के नागरिकों को बेहतर आधारभूत बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित आवागमन और एक सुव्यवस्थित शहरी माहौल देना है। यह मॉडल कॉरिडोर भविष्य में रांची की अन्य प्रमुख सड़कों के विकास के लिए एक नजीर (उदाहरण) बनेगा। निगम का दृढ़ विश्वास है कि इस योजना के पूरी तरह लागू होने से रांची एक आधुनिक, व्यवस्थित और स्मार्ट सिटी के रूप में देश के सामने उभरकर आएगी।