रांची का नया नक्शा: सरकारी जमीनों की महा-रिकवरी, अब अवैध कब्जे वाली जगहों पर बनेंगे आधुनिक पार्क और वेंडर्स मार्केट
रांची। झारखंड की राजधानी रांची को अधिक व्यवस्थित, सुगम और रहने योग्य (लिवेबल) शहर बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। वर्षों से भू-माफियाओं के चंगुल और अवैध अतिक्रमण की वजह से विकास की राह में रोड़ा बन रही सरकारी जमीनों को निगम ने न सिर्फ मुक्त कराया है, बल्कि अब इन्हें जनसुविधाओं के नए केंद्रों के रूप में बदलने का महा-प्लान भी तैयार कर लिया है।
रांची नगर निगम ने पिछले कुछ महीनों में सघन अभियान चलाकर शहर के विभिन्न हिस्सों में फैली अपनी संपत्तियों की पहचान की है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत लगभग 61 ऐसे महत्वपूर्ण और मूल्यवान स्थलों को चिन्हित कर रिकवर किया गया है, जो या तो निगम के स्वामित्व में थे या फिर 'गिफ्ट डीड' के माध्यम से निगम को प्राप्त हुए थे। इन मुक्त कराई गई जमीनों पर दोबारा कब्जे की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त करने के लिए निगम ने युद्धस्तर पर बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया है। नगर निगम की इस दूरगामी योजना के तहत खाली कराई गई कई एकड़ मूल्यवान भूमि को आधुनिक और आलीशान पार्कों में तब्दील किया जाएगा। इन पार्कों का खाका स्थानीय आबादी और हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर खींचा गया है। बच्चों के मनोरंजन के लिए जहां आधुनिक झूले और 'ओपन प्ले एरिया' (खेलने की खुली जगह) विकसित की जाएगी, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित वॉकिंग ट्रैक, बैठने के लिए बेंच और चारों तरफ आकर्षक हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन) तैयार किए जाएंगे। निगम का मानना है कि कंक्रीट के जंगल में बदलते जा रहे रांची शहर में आम नागरिकों को सांस लेने के लिए सुरक्षित और खुले सार्वजनिक स्थान देना बेहद जरूरी हो गया है।
राजधानी रांची की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक यातायात जाम' और अव्यवस्थित फुटपाथ कारोबार से निपटने के लिए भी निगम ने इस भूमि बैंक का इस्तेमाल करने का ठोस निर्णय लिया है। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों जैसे मेन रोड, डोरंडा और दीपाटोली में जमीनों को चिन्हित कर वेंडर्स मार्केट की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। मेन रोड क्षेत्र में एक बहुमंजिला आधुनिक मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है, जबकि डोरंडा और दीपाटोली में सुव्यवस्थित वेंडर्स मार्केट विकसित किए जाएंगे। इन बाजारों के पूरी तरह तैयार होने के बाद सड़कों पर दुकान लगाने वाले फुटपाथ दुकानदारों को यहां स्थाई दुकानें आवंटित की जाएंगी, जिससे मुख्य सड़कों से अनियंत्रित अतिक्रमण हटेगा और यातायात पूरी तरह सुचारू हो सकेगा। इस पूरी मुहिम को लेकर रांची के नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने अपना विजन स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीनों की पहचान, रिकवरी और उनका संरक्षण केवल एक रूटीन प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह रांची के भविष्य को संवारने की दिशा में उठाया गया एक बेहद महत्वपूर्ण और बुनियादी कदम है। सालों-साल से खाली पड़ी या कब्जों में दबी ये जमीनें आने वाले समय में रांची के शहरी विकास की एक नई और आधुनिक तस्वीर पेश करेंगी। आने वाले दिनों में जैसे ही ये परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी, राजधानी के कई इलाकों का भूगोल और सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।