उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का महारिकॉर्ड: श्रद्धालुओं का आंकड़ा 37 लाख के पार,अब तक 198 तीर्थयात्रियों ने भी गंवाई जान
उत्तराखंड में चल रही विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। खराब मौसम और कठिन रास्तों की चुनौतियों के बावजूद आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। उत्तराखंड आपातकालीन संचालन केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल को यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक रिकॉर्ड 37.35 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा के दर पर हाजिरी लगा चुके हैं। हालांकि, इस भारी भीड़ और बदलते मौसम के बीच एक चिंताजनक खबर भी सामने आई है। इस यात्रा सीजन में अब तक कुल 198 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल भी बाबा केदार के दर्शन के लिए सबसे ज्यादा दीवानगी देखी जा रही है। सबसे अधिक 12.61 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। 23 अप्रैल से अब तक 11.67 लाख तीर्थयात्री पहुंचे। गंगोत्री में 6.17 लाख और यमुनोत्री में 5.83 लाख भक्तों ने शीश नवाया। सिखों के पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब में 1.05 लाख और 5,795 साहसी यात्रियों ने गोमुख ग्लेशियर तक की कठिन चढ़ाई पूरी की। आंकड़ों का दूसरा पहलू बेहद भावुक और चिंताजनक है। यात्रा के दौरान हुई 198 मौतों में से 195 मौतें खराब सेहत और दिल का दौरा पड़ने जैसी बीमारियों की वजह से हुई हैं, जबकि केवल 3 मौतें अन्य प्राकृतिक कारणों से हुई हैं। अत्यधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और अचानक बदलते मौसम के कारण बुजुर्ग और पहले से बीमार यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु अपनी स्वास्थ्य जांच कराने के बाद ही यात्रा पर निकलें। इस बार चारधाम के संकरे पहाड़ी रास्तों पर वाहनों का भारी दबाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ही 42,921 तीर्थयात्री और 4,984 वाहन विभिन्न धामों में पहुंचे। पूरे सीजन की बात करें तो अब तक 3.54 लाख से अधिक वाहनों ने चारधाम यात्रा मार्गों का इस्तेमाल किया है, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो रहा है। वही प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे यात्रा के दौरान जल्दबाजी न करें, पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े साथ रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।