युद्धग्रस्त पश्चिम एशिया में फंसे उत्तराखंडियों का रिकॉर्ड तैयार,सरकार ने सीनियर आईपीएस अधिकारी को बनाया नोडल अफसर
देहरादून। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरे तथा पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में खाड़ी देशों और मध्य पूर्व एशिया में फंसे या प्रभावित उत्तराखंडवासियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए सीनियर आईपीएस अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
शासन की ओर से 28 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार, विशेष सचिव गृह (सीनियर आईपीएस) निवेदिता कुकरेती को इस जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका दायित्व होगा कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ईरान, इजराइल, ओमान समेत अन्य प्रभावित देशों में रह रहे या कार्यरत उत्तराखंड के नागरिकों की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि युद्ध या तनावपूर्ण स्थिति के कारण फंसे उत्तराखंडियों की मदद के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगी। इस संबंध में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय दूतावासों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया जाएगा। नोडल अधिकारी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि युद्धग्रस्त या तनावपूर्ण क्षेत्रों में रह रहे उत्तराखंडवासियों से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां एकत्र की जा रही हैं। उनकी सुरक्षा, वर्तमान स्थिति और जरूरतों का पूरा आकलन किया जाएगा। जुटाई गई यह जानकारी भारत सरकार को भेजी जाएगी, ताकि केंद्र स्तर पर आवश्यक निर्णय लिए जा सकें। सरकार ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए उत्तराखंड पुलिस की ओर से हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी कर दी है। आपात स्थिति में लोग मोबाइल नंबर 9411112792 और ईमेल आईडी dgc-police-ua@nic.in पर संपर्क कर सकते हैं।
जनता से अपील
शासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी का परिजन या परिचित खाड़ी देशों या मध्य पूर्व एशिया में रह रहा है और किसी समस्या का सामना कर रहा है, तो उसकी जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जा सकती है। इसके लिए निम्नलिखित विवरण मांगे गए हैं:
व्यक्ति का पूरा नाम
पिता/पति का नाम
जिस देश में रह रहा है उसका नाम
पूरा पता
पासपोर्ट नंबर
मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर
ईमेल आईडी
यदि सीधे संपर्क नहीं हो पा रहा है तो वैकल्पिक संपर्क व्यक्ति की जानकारी भी दी जा सकती है। उत्तराखंड में रह रहे परिजनों का पता और संपर्क विवरण भी अनिवार्य रूप से साझा करना होगा। सरकार का कहना है कि यह पहल एहतियात के तौर पर उठाई गई है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। नोडल अधिकारी की नियुक्ति और हेल्पलाइन जारी करना इसी सजगता का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई भी उत्तराखंडी संकट की स्थिति में अकेला न पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह कदम समय की मांग के अनुरूप है।