स्वास्थ्य केंद्र देवायल से रेफर महिला ने 108 में नवजात को दिया जन्म, स्वास्थ्य सेवाओं की फिर खुली पोल।
अल्मोड़ा जिले के रूडोली स्याल्दे निवासी देवी रावत पत्नी बालम सिंह को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे निजी वाहन से राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल ले आए। आरोप है कि यहां तैनात डॉक्टर ने महिला को एडमिट करने से साफ इनकार कर दिया। महिला का डेढ़ माह पूर्व किए गए अल्ट्रासाउंट के आधार पर ही महिला को रामनगर ले जाने के लिए कह दिया। आरोप है कि डॉक्टर ने जबरन परिजनों से मरीज को ले जाने का पत्र भी लिखवा लिया। जिससे कुछ होने पर उन पर कोई आंच न आए। 90 साल के बुजुर्ग ससुर आशा कार्यकत्री की मदद से महिला को 108 की मदद से रामनगर के लिए रवाना हो गए। लेकिन कुछ ही दूरी पर मोहान के पास महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। वाहन में ही ईएमटी संग्राम सिंह, आशा कार्यकत्री मंजू देवी की मदद से महिला का प्रसव हो गया। प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को रामनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की हालत सामान्य है।
परिजनों के मुताबिक डॉक्टरों ने डेढ़ माह पूर्व किए गए अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट देखकर ही महिला की हालत का फैसला सुना दिया। एक बार महिला को भर्ती कर जांच करने की जहमत तक नहीं उठाई। डॉक्टरों ने परिजनों से कहा गया कि बच्चे के गले में नाल फंस गई है। इसलिए उन्हें बाहर ही जाना पड़ेगा। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी देवायल
डॉ. धीरेंद्र मोहन गहलोत ने बताया कि महिला ने स्वास्थ्य केंद्र भिक्यासैंण में जांच कराई थी। रिपोर्ट में बच्चे के गले में नाल फंसे होने की बात लिखी गई थी। इसके आधार पर ही महिला को रेफर किया गया था।